मानवीय रिश्तो पर आधारित ‘चंपारण मटन’ऑस्कर पुरस्कारकी दौड़ में,
नई दिल्ली। देश की बेटी फलक की फिल्म ‘चंपारण मटन’ऑस्कर पुरस्कार की दौड़ में शामिल है। यूएस, ऑस्ट्रिया, फ्रांस समेत कई देशों के बीच भारत से अकेली यह फिल्म स्टूडेंट अकादमी अवार्ड के सेमीफाइनल में पहुंची है।

दुनिया में भारत का डंका इस अवार्ड के लिए कई देशों से 1700 से अधिक फिल्मों का नॉमिनेशन हुआ था, जिनमें भारत से चंपारण मटन ने सेमीफाइनल में जगह बनाई है। फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के रंजन कुमार द्वारा निर्देशित और फलक के अभिनय से सजी फिल्म चंपारण मटन दुनियाभर में बल्कि देश का डंका बजा रही है।
अभिनेत्री फलक कहती हैं कि आधे घंटे की यह फिल्म हिंदुस्तान विशेष तौर पर बिहार के लोगों की अपने रिश्तों के प्रति ईमानदारी और किसी भी हाल में हार न मानने की कहानी है। लॉकडाउन के बाद नौकरी छूटने पर अपने गांव लौटने और पत्नी की इच्छा पूरी करने की कोशिश में लगे एक परिवार की कहानी है, जिसकी संवेदनशीलता हर किसी के दिल को छू रही है। यही इसके स्टूडेंट अकादमी अवार्ड के फाइनल में पहुंचने की वजह है।
ज्ञात हो कि
ऑस्कर अकादमी अवार्ड चार अलग-अलग श्रेणियों में दिया जाता है। इसमें फलक की फिल्म नैरेटिव कैटेगरी में चुनी गई है। स्टूडेंट अकादमी अवार्ड फिल्म इंस्टीट्यूट और यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट और फिल्म मेकर के लिए होता है। यह ऑस्कर का ही एक विंग है। वर्ष 1972 से यह संस्था उत्कृष्ट फिल्मों को अवार्ड दे रही है।

Author: fastblitz24



