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रिश्तो का कर दिया खून।

आगरा:पहले पिता, और फिर एक-एक करके दो भाई मार डाले

आगरा। कागारौल के गांव गढ़ी कालिया में हुए तिहरे हत्याकांड के तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि एक साथ पिता और दोनों भाइयों की हत्या नहीं की थी। पहले पिता को मारा। दोनों भाई उस समय खेत पर थे। लौटने पर एक-एक करके दोनों भाइयों को मौत के घाट उतारा था। पिता के यह कहने पर कि अब फूटी कौड़ी नहीं मिलेगी। तीन बेटों ने खून की होली खेली थी। वहीं बुधवार को गमगीन माहौल में पिता और दोनों बेटों के शवों का अंतिम संस्कार किया गया।

राजेंद्र सिंह चाहर के पांच बेटे थे। सोमप्रकाश, विजय प्रकाश उर्फ करुआ, भानुप्रताप सिंह, हरवीर और हेमप्रकाश। ढाई बीघा जमीन में विजय प्रकाश उर्फ करुआ, भानुप्रताप सिंह और हरवीर हिस्सा मांग रहे थे। राजेंद्र सिंह पहले 12 बीघा जमीन का बंटवारा पांचों बंटों में कर चुके थे। ढाई बीघा जमीन वह अपने बेटे सोमप्रकाश और हेमप्रकाश को देना चाहते थे। पिता उन दोनों बेटों के साथ मथुरा रहते थे।

आरोपित विजय उर्फ करुआ, भानुप्रताप सिंह और हरवीर को कागारौल पुलिस ने बुधवार को दबोचा। इंस्पेक्टर कागारौल सुभाष चंद पांडेय ने बताया कि सुबह पंचायत में पिता राजेंद्र सिंह चाहर ने साफ बोल दिया था कि बेवजह का बवाल खड़ा नहीं करें। अब किसी के लिए कोई फूटी कौड़ी नहीं है। गहमा गहमी के बाद सोमप्रकाश और हेमप्रकाश चारा लेने खेत पर चले गए थे। पिता घर पर रह गए थे। हत्यारोपी बेटों ने पुलिस को बताया कि पिता यह बोल रहे थे कि यहां तो आना ही बेकार रहा। विजय प्रकाश उर्फ करुआ ने गुस्से में अंगोछे से पिता का गला घोंट दिया। हत्या के बाद तीनों बेटों ने पिता का शव उठाकर कमरे में डाल दिया। इसी बीच सबसे बड़ा सोमप्रकाश खेत से चरी लेकर लौटा। घर में घुसते ही तीनों ने उसे दबोच लिया। कुल्हाड़ी और दराती से प्रहार कर हत्या कर दी। शव कमरे में डाल दिया। तीन-चार मिनट बाद हेम प्रकाश आया तो उसे भी मार दिया। दोंने बचाव के लिए शोर मचाया था।

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Author: fastblitz24

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