सीएमओ एवं प्रभारी चिकित्साधिकारी की मिलीभगत से मरीजों का किया जा रहा है शोषण
तैनाती स्थल पर जाने की बजाय चिकित्साधिकारी ने खोल दिया प्राइवेट क्लीनिक

मुंगराबादशाहपुर ( जौनपुर)। मुंगराबादशाहपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात रहे चिकित्साधिकारी डा० राम विजय सिंह के स्थानांतरित होने के बाद भी शासन प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए प्राइवेट क्लीनिक चलाने को लेकर मुंगराबादशाहपुर निवासी शिवम सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इसकी जांच कराने एवं दोषी लोगों के विरुद्ध कार्यवाही करने की मांग की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे गए पत्र में शिवम सिंह ने बताया है कि मुंगराबादशाहपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर नियुक्त रहे चिकित्साधिकारी डा० राम विजय सिंह का स्थानांतरण प्रदेश सरकार के चिकित्सा अनुभाग तीन द्वारा बीते 30 जून 2022 को ही बस्ती जनपद के लिए कर दिया गया था। लेकिन मुख्य चिकित्साधिकारी डा० लक्ष्मी सिंह एवं प्रभारी चिकित्साधिकारी डा० राजेश कुमार की मिली भगत से डा० राम विजय सिंह लगभग छः माह तक अवकाश पर रहने के बाद वापस लौट कर पुनः मुंगराबादशाहपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कार्यरत होकर लगभग तीन महीने से अधिक समय तक कार्यरत रहे। जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत सूचना मांगे जाने पर सीएमओ का माथा ठनक गया तथा उन्होंने डा० राम विजय सिंह को कार्यमुक्त करने का आदेश पारित कर दिया गया। लेकिन चिकित्साधिकारी डा० राम विजय सिंह बस्ती जाने की बजाय मुंगराबादशाहपुर में ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निकट किराए के रूम में अपना प्राइवेट क्लीनिक खोल दिए। जिसके लिए उन्होंने लगभग आधा दर्जन लोगों को मरीजों एवं उनके सहयोगियों को पटाने के लिए लगा दिया जो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार हेतु आने वाले मरीजों को उक्त चिकित्सक के क्लीनिक पर भेज कर अपनी कमीशन बटोरने लगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे गए पत्र में शिवम सिंह ने बताया है कि उक्त चिकित्सक द्वारा इन दिनों प्रधानमंत्री नगरीय आवास योजना के तहत निर्मित कराए गए एक आवास को किराए पर लेकर बगैर पंजीकरण कराए ही अवैध रूप से चिकित्सालय चला रहे हैं। शिवम सिंह ने बताया है कि सीएमओ के निर्देश पर मुंगराबादशाहपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा० राजेश कुमार द्वारा चलाए गए जांच अभियान में बिना पंजीकरण के चल रहे उक्त चिकित्सालय की जांच नहीं की गई। जबकि उक्त चिकित्सालय पूरी तरह से मानक के विपरीत है। शिवम सिंह ने इसकी जांच कराने एवं दोषी लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही करने की मांग की है। बताया जाता है कि शिवम सिंह का पत्र मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

Author: fastblitz24



