शिक्षिका द्वारा धार्मिक आधार पर पिटाई कराए जाने का विरोध, छात्र संगठन ए.आई.डी.एस.ओ ने घोर निंदा की
जौनपुर ऑल इण्डिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (AIDSO) के उत्तर प्रदेश राज्य सचिव दिलीप कुमार ने आज दिनांक 27 अगस्त 2023 को एक प्रेस बयान जारी करते हुए कहा- जैसा कि समाचार पत्रों व वायरल वीडियो के माध्यम से खबर हुई है कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में खुब्बापुर गाँव के नेहा पब्लिक स्कूल में स्कूल शिक्षिका ने धार्मिक व आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए अल्पसंख्यक समुदाय के मासूम छात्र की उसके सहपाठी अन्य धर्म के छात्रों द्वारा बुरी तरह से पिटाई करवाई। इस तरह की घटना एक सभ्य समाज में बेहद शर्मनाक व घोर निन्दनीय है।
मुजफ्फरनगर की यह शर्मनाक घटना इस बात की गवाह है कि उत्तर प्रदेश में बढ़ते जातीय-महजबी नफरत व अपराध के नापाक मंसूबे राजनीतिक गलियारों से होकर अब शिक्षा मंदिर में भी पहुँचने लगे हैं। सिर्फ उत्तर प्रदेश में नहीं बल्कि पूरे देश में ही शिक्षण संस्थानों में इस तरह के नफरत की घिनौनी राजनीति चल रही है। जो बेहद चिन्ताजनक है। सर्वविदित है कि स्कूल और शिक्षक, छात्रों के भविष्य के निर्माता होते हैं। शिक्षक और छात्र का सम्बन्ध अभिभावक जैसा होता है। शिक्षक का धर्म, पढ़ाने लिखाने के साथ-साथ बच्चों में इंसानियत, भाईचारा व नैतिकता पैदा कर मानवीय मूल्यबोध का विकास करना है न कि बच्चों के अंदर नफरत का बीज बोना। छात्रों को सही इंसान बनाने के लिए विद्यालय भेजा जाता है क्योंकि शिक्षा का मकसद है इंसानियत हासिल करना। हम सिर्फ निंदा इसलिए नहीं करते हैं कि एक मासूम बच्चे को पीटा गया है, बल्कि एक मासूम बच्चे के अंदर साम्प्रदायिकता का जहर भरने की भी साजिश की गई है। दोषी शिक्षिका द्वारा किया गया यह शर्मनाक कृत्य अक्षम्य है।
अतः हम मांग करते हैं कि मुजफ्फरनगर की इस अमानवीय घटना की समुचित जांच करके दोषियों को कठोर सजा दी जाए और समाज में साम्प्रदायिक सद्भाव व भाईचारा कायम रहे इसलिए देश भर में ऐसी घटनाओं की पुनरावृति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।


Author: fastblitz24



