जौनपुर: खेतासराय थाना क्षेत्र में स्थित जकरिया मुनीर इंटरनेशनल स्कूल के उद्घाटन समारोह में मुफ्ती अहमद शमीम हलीमी ने इस्लाम धर्म में शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस्लाम में शिक्षा को सर्वोच्च स्थान दिया गया है, लेकिन आधुनिक समय में मुस्लिम समुदाय शिक्षा के मामले में पीछे छूट गया है।
मुफ्ती साहब ने कहा, “इस्लाम में पढ़ने का आदेश सबसे पहले दिया गया था। लेकिन आज हम देख रहे हैं कि मुस्लिम समुदाय शिक्षा से दूर होता जा रहा है। हमें अपने बच्चों को शिक्षित करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा के बिना हम तरक्की नहीं कर सकते।

उन्होंने बताया कि पैगंबर मुहम्मद के समय में मस्जिद-ए-नबवी में एक विशेष स्थान था जिसे सफ्फा कहा जाता था, जो पहला मदरसा था। उन्होंने कहा कि हमें अपने बच्चों को शिक्षित करने के साथ-साथ उनकी बेहतरीन परवरिश भी करनी चाहिए।
कार्यक्रम में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। सर सैयद अहमद इंटर कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल मोहम्मद इरफान खान ने कहा कि महिलाओं को भी शिक्षा से जोड़ना जरूरी है। फरीदल हक पीजी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. तबरेज आलम ने कहा कि शिक्षा के बिना इंसान अधूरा है।
इस स्कूल का उद्देश्य मुस्लिम समुदाय के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। स्कूल में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
यह कार्यक्रम मुस्लिम समुदाय में शिक्षा के महत्व को उजागर करता है। यह एक सकारात्मक पहल है और इससे उम्मीद है कि मुस्लिम समुदाय के अधिक से अधिक बच्चे शिक्षित होंगे।

Author: fastblitz24



