लखनऊ उत्तर प्रदेश में अंसल ग्रुप पर कार्रवाई तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के 24 घंटे के भीतर लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की शिकायत पर गोमतीनगर थाने में अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर के मालिक पिता-पुत्र समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। आरोप है कि कंपनी ने टाउनशिप की योजना दो बार स्वीकृत कराई थी, लेकिन नियमानुसार निर्धारित भूमि से कई गुना अधिक जमीन पर अवैध रूप से निर्माण कर लिया।
LDA के अमीन अर्पित शर्मा ने मंगलवार देर रात गोमतीनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई। आरोप है कि 2005 में प्राधिकरण ने 1765 एकड़ भूमि पर हाईटेक टाउनशिप विकसित करने की अनुमति दी थी, जिसकी डीपीआर 2006 में स्वीकृत हुई। इसके बाद अंसल ग्रुप ने बिना सूचना दिए ग्राम समाज, सीलिंग, तालाब, चक मार्ग, नवीन परती, बंजर, नहर और नाली की जमीन को अपने प्रोजेक्ट में शामिल कर लिया। इस फर्जीवाड़े का खुलासा प्राधिकरण की जांच में हुआ।

गोमतीनगर थाने में अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रमोटर और मालिक सुशील अंसल, उनके बेटे प्रणव अंसल, निदेशक विनय कुमार सिंह, सुनील कुमार गुप्ता और फ्रेन्सेटी पैट्रिका अटकिंशन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
इन आरोपियों पर संबंध धाराओं और सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम, 1984 की धारा 3 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इन धाराओं में दो से दस साल तक की सजा का प्रावधान है।
यह मामला मंगलवार को विधानसभा में भी गूंजा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी (सपा) पर भी निशाना साधते हुए कहा,
“हाईटेक सिटी के नाम पर हजारों खरीदारों से करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाला अंसल ग्रुप आपकी (सपा) सरकार की ही उपज है।”
उन्होंने आगे कहा,
“अगर किसी को यह गलतफहमी है कि वह गरीबों का पैसा लेकर भाग जाएगा, तो हम उसे पाताल से भी निकाल लाएंगे और सजा दिलाकर रहेंगे। सरकार गारंटी देती है कि सबको उनका पैसा वापस मिलेगा।”
LDA की यह कार्रवाई योगी सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती को दर्शाती है। अब इस मामले में आगे की जांच और संभावित गिरफ्तारी पर नजरें टिकी हैं।

Author: fastblitz24



