बिहार : अररिया में शराबबंदी के बावजूद शराब तस्करी रुकने का नाम नहीं ले रही है। सबसे हैरानी की बात यह है कि कानून को लागू करवाने वाले कुछ पुलिसकर्मी ही तस्करों के साथ मिले हुए हैं। अररिया जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां एक सब-इंस्पेक्टर पर शराब तस्करों से साठगांठ और रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस महकमे की छवि खराब करने वाले इस अफसर पर DIG प्रमोद कुमार मंडल ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया है
अररिया जिले के नरपतगंज थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर अरविंद कुमार सिंह पर आरोप है कि उन्होंने शराब और नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले अपराधियों के खिलाफ दर्ज मामलों को कमजोर करने का प्रयास किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की गई, जिसमें उन्हें दोषी पाया गया।

शिकायत के आधार पर DIG ने जांच के आदेश दिए थे, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि SI अरविंद कुमार सिंह ने एक शराब तस्करी मामले में तीन नए गवाहों के बयान दर्ज करवाए, ताकि मुख्य आरोपी मुजम्मिल अंसारी को कानूनी लाभ मिल सके। 124 किलो गांजा की बरामदगी के बावजूद उन्होंने केस को कमजोर करने की साजिश रची।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि SI ने शराब तस्करों से मोटी रकम लेकर केस डायरी में छेड़छाड़ की। आरोपी को बचाने के लिए गवाहों के बयान तक बदले गए। इन सबूतों के आधार पर DIG ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, अररिया कर दिया गया है।
इस पूरे मामले के अलावा, कटिहार नगर थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष और वर्तमान में रानीगंज (अररिया) में तैनात पुलिस निरीक्षक निर्मल कुमार यादवेंदु को भी निलंबित कर दिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने 2017 में धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तार चार अभियुक्तों को तय समय से अधिक हिरासत में रखा। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के बाद उन पर भी कार्रवाई की गई।

Author: fastblitz24



