जौनपुर: बक्शा पुलिस टीम ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अर्टिगा कार बेचने का लालच देकर लोगों को फंसाकर पैसे छीनने वाले गिरोह के सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये लोग सोशल साइट पर सस्ते दामों में कार बेचने का विज्ञापन डालते थे और खरीदारों को जौनपुर बुलाकर उन्हें बंधक बनाकर पैसे लूटते थे। पीड़ितों को रास्ता न दिखे, इसलिए लुटेरे उनकी आंखों पर काला चश्मा पहना देते थे।
इस गिरोह ने 18 मार्च को झांसी के एक व्यक्ति को अपने जाल में फंसाया। उन्हें अर्टिगा कार बेचने का लुभावना ऑफर देकर जौनपुर बुलाया गया। फिर कार दिखाने के नाम पर सुनसान इलाके में ले जाकर उन्हें लोहे की जंजीर और रस्सी से बांधकर बंधक बनाया गया, मारा-पीटा गया और जान का भय दिखाकर 24 हजार रुपये लूट लिए गए। पीड़ित की तहरीर पर बक्शा थाने में अज्ञात अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

19 मार्च को थानाध्यक्ष बक्शा और विवेचक ने मुखबिर की सूचना पर गढ़ासैनी पुल के पास से रात 11:20 बजे गिरोह के सभी सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से 11000 रुपये, लोहे की तीन जंजीर, एक नायलॉन की रस्सी, तीन चश्मे बरामद किए गए। आरोपी राजन के पास से एक तमंचा .315 बोर और एक जिंदा कारतूस .315 बोर बरामद किए
सीओ सदर परमानंद कुशवाहा ने बताया कि गिरोह का सरगना जितेंद्र यादव ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अर्टिगा कार सस्ते दामों में बेचने का प्रचार करता था। भोले-भाले लोग सस्ते और लुभावने अवसर पाकर इनके जाल में फंस जाते थे। कार खरीदने के लिए वे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से संपर्क करते थे। गिरोह के सदस्य लोगों को बुलाकर कार दिखाने के नाम पर सुनसान इलाके में ले जाते थे। विरोध करने पर उन्हें लोहे की जंजीर और रस्सी से बांध देते थे और आंखों पर ऐसा चश्मा पहना देते थे, जिसके शीशे पर कागज चिपका रहता था, जिससे रास्ता दिखाई नहीं देता था।

Author: fastblitz24



