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लखनऊ और आसपास के जिलों के लिए एक और गुड न्यूज, रिंग रोड के बाद मिला यह रेल प्रोजेक्ट, 7500 करोड़ रुपये होंगे खर्च

लखनऊ और आसपास के जिलों के लिए एक और गुड न्यूज है। कुछ ही दिनों पहले लखनऊ के बाहर 100 किलोमीटर लंबा रिंग रोड बनाने का ऐलान किया गया था। अब रेलवे की तरफ से 170 किलोमीटर मेगा इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की घोषणा की गई है। बीते मंगलवार को रेलवे की तरफ से लखनऊ ऑर्बिटल रेलवे कॉरिडोर (Lucknow Orbital Railway Corridor) की घोषणा की गई।

रेलवे के इस प्रोजेक्ट पर उत्तर रेलवे की लखनऊ डिविजन द्वारा काम किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद लखनऊ और आसपास के कई जिलों में रेलवे ऑपरेशन और मजबूत होगा। द हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अब इस रेलवे कॉरिडोर के लिए DPR तैयार की जाएगी।

हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए रेलवे के DRM एस.एम, शर्मा ने बताया कि इस कॉरिडोर का मुख्य उद्देश्य लखनऊ रीजन में रेल ट्रैफिक कंजेशन को कम कर ऑपरेशन स्मूथ करना है। इस कॉरिडोर का निर्माण लखनऊ – कानपुर सेक्शन, लखनऊ – शाहजहांपुर – मुरादाबाद सेक्शन, ऐशबाग – डालीगंज – सीतापुर सिटी सेक्शन, लखनऊ – बाराबंकी – गोण्डा सेक्शन, लखनऊ – बाराबंकी – अयोध्या सेक्शन, लखनऊ – सुलतानपुर – वाराणसी सेक्शन और लखनऊ – रायबरेली – वाराणसी सेक्शन की रेल बाउंड्री के अंतर्गत किया जाएगा।

सीनियर डिविजनल ऑपरेशन मैनेजर रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के सर्वे के लिए अप्रूवल मिल गया है। सर्वे के बाद एक डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उसके बाद प्रोजेक्ट पर काम शुरू होगा। एक अधिकारी ने बताया कि सर्वे की लागत ₹4.25 आने की उम्मीद है।

NR लखनऊ के सीनियर डिविजनल मैनेजर कुलदीप तिवारी ने बताया कि लखनऊ शहर में सात मेन रेलवे रूट है, जिनपर सभी पैसेंजर और माल गाड़ियां चलती हैं। कॉरिडोर को इन सभी से कनेक्ट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन सभी रूट्स पर हैवी कंजेशन की वजह से रेल ट्रैफिक प्रभावित होता है। लखनऊ से अयोध्या, वाराणसी, कानपुर, मुरादाबाद, सीतापुर, रायबरेली और सुल्तानपुर के लिए बड़ी संख्या में ट्रेनें चलती हैं। उन्होंने बताया कि करीब 90% माल गाड़ियां और 70-80% पैसेंजर ट्रेन लखनऊ के ऐशबाग रेलवे स्टेशन के जरिए गुजरती हैं।

* लखनऊ के बाहर बनाया जाने वाला यह कॉरिडोर 170 किलोमीटर लंबा होगा।

* लखनऊ के सभी मेजर रूट इस रेल प्रोजेक्ट से कनेक्ट किए जाएंगे।

* यह कॉरिडोर ‘Y’ कनेक्शन के जरिए से जोड़ा जाएगा और रेल-ऑन-रेल पुलों (ROR) के जरिए से प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगा।

* एक नया ‘ग्रीनफील्ड मेगा पैसेंजर टर्मिलन’ डेवलप किया जाएगा। यहां तीस से ज्यादा रेल लाइन और 20 प्लेटफॉर्म होंगे।

* आगरा एक्सप्रेस-वे के नजदीक मेगा रेल लॉजिस्टिक्स पार्क बनाया जाएगा।

* यह रेल कॉरिडोर हर ट्रेन का एक घंटा बचाएगा।

 

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Author: fastblitz24

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