प्रयागराज – इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इटावा सेंट्रल जेल में बंद एक कैदी को रमजान के दौरान पांचों वक्त की नमाज पढ़ने और कुरान रखने की अनुमति देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने जेल अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस आदेश का पालन करते हुए आवश्यक सुरक्षा उपाय बनाए रखें।
यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति नंद प्रभा शुक्ला की खंडपीठ ने कैदी की पत्नी उजमा आबिद की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। उजमा आबिद ने अपनी याचिका में कहा था कि उसका पति, जो हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है, रमजान के दौरान जेल प्रशासन द्वारा पांच वक्त की नमाज पढ़ने से रोका जा रहा है और उसकी कुरान भी ले ली गई है।

सरकारी वकील ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि जेल प्रशासन याची की शिकायतों का निवारण कानून के अनुसार करेगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कैदी को अपनी धार्मिक मान्यताओं का पालन करने का अधिकार है और उसे रमजान के दौरान पांच वक्त की नमाज पढ़ने और कुरान रखने की अनुमति दी जानी चाहिए। इसके साथ ही जेल में नियमित सुरक्षा उपाय भी जारी रहेंगे।
यह आदेश धार्मिक स्वतंत्रता और न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो यह सुनिश्चित करता है कि कैदी को अपनी आस्था और धार्मिक कर्तव्यों को निभाने का पूरा अधिकार है, बशर्ते वह जेल के नियमों और सुरक्षा उपायों का पालन करे।

Author: fastblitz24



