प्रमिला मानसिंह के मुताबिक, वह अविवाहित हैं। एक मार्च को सुबह 10 बजे अनजान नंबर से व्हाट्सएप वीडियो कॉल आई। फोनकर्ता ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया। कहा कि दिल्ली में उनके नाम से कई बैंक अकाउंट खुले हैं। प्रमिला ने इसे नकारा तो ठग ने जाँच के नाम पर उनका आधार नंबर और बैंक अकाउंट की पूरी जानकारी ले ली। कुछ देर बाद फिर से वीडियो कॉल कर मनी लॉन्ड्रिंग के केस में दोषी बताते हुए गिरफ्तारी की धमकी दी
आरोपी ने कहा कि अगर कार्रवाई से बचना चाहती हो तो जाँच में सहयोग करना होगा। किसी से बात नहीं करनी होगी। ठग ने प्रमिला से लगातार व्हाट्सएप मैसेज और वीडियो कॉल के जरिए संपर्क रखा और उन पर मानसिक दबाव बनाया। 22 दिन तक डिजिटल अरेस्ट के दौरान महिला ने डरकर 78.50 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किए। इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार यादव ने बताया कि पीड़िता ने जिन अकाउंट में रुपये ट्रांसफर किए, उनकी जाँच जारी है


Author: fastblitz24



