अपने संबोधन में पूर्व सांसद ने कहा कि आज समाज में ऐसे भी लोग हैं जो अपने वृद्ध माता-पिता को अनाथालयों में छोड़ दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रामचरित्तर जैसे लोग भी हैं जो माता को अमर करने के लिए प्रतिमा का अनावरण करा रहे हैं। ऐसे लोग अपने समाज के लिए एक अच्छा उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं, लोगों को इसका अनुसरण करना चाहिए। रामचरित्तर निषाद ने अपनी मां की पुण्यतिथि पर इतनी अच्छी प्रतिमा का अनावरण किया, इसके लिए वे बधाई के पात्र हैं।
धनंजय सिंह ने लोगों से आह्वान किया कि नशे की प्रवृत्ति से लोग जितना दूर रहें, उतना ही अच्छा है। हमारा आर्थिक, सामाजिक और शारीरिक हर तरीके से नुकसान नशा करने से होता है, खासकर नौजवानों का। एक अभिभावक के तौर पर आप उन्हें सही रास्ते पर ले जाने का काम करें।

पूर्व सांसद ने कहा कि स्वर्गीया सुभागी देवी एक कुशल समाजसेविका के साथ-साथ दूसरों की मदद हेतु हमेशा तत्पर रहती थीं।
प्रारंभ में विद्वान कर्मकांडी ब्राह्मणों द्वारा विधिवत पूजा अर्चना की गई। इस अवसर पर तिलकधारी निषाद, अवधेश निषाद, गुलाल सिंह, जवाहर लाल प्रधान, राजेश निषाद, सुशील सिंह, विनोद यादव, भूपेंद्र सिंह मंगली, हरिश्चंद्र निषाद, दशरथ निषाद, डॉ. इंद्रजीत निषाद, रामचरण निषाद सहित भारी संख्या में लोग मौजूद थे। संचालन संदीप निषाद और आभार महगूराम निषाद ने ज्ञापित किया।

Author: fastblitz24



