12 मार्च को जौनपुर के शाही किले में जौनपुर महोत्सव का आयोजन था। इसी आयोजन में 1001 जोड़ों का सामूहिक विवाह भी होना था। मालूम हुआ कि जौनपुर के मडियाहू के भाई-बहन की शादी भी कर दी गई। इस मामले को लेकर जब परिवार से पूछा गया तो भाई ने बताया कि वह शौक के चलते साफा पहनकर दीदी के साथ सामूहिक विवाह समारोह में बैठ गया था। सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होते ही इस बात को लेकर हंगामा मच गया
हालांकि, समाज कल्याण विभाग की स्थिति भी इस मामले में ठीक नहीं है। समाज कल्याण विभाग से कई बार सामूहिक विवाह की सूची मांगी गई, लेकिन विभाग द्वारा इसकी सूची सार्वजनिक नहीं की गई।

जौनपुर के प्रभारी मंत्री एके शर्मा के सामने जब सामूहिक विवाह में धांधली को लेकर सवाल किया गया तो जिला प्रशासन की नींद टूट गई। बीच में रोकते हुए जिलाधिकारी दिनेश सिंह ने बताया कि सामूहिक विवाह में धांधली का मामला उनके संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि जाँच के बाद उन्हें मिलने वाली सहायता धनराशि रोक दी जाएगी।
वहीं, दूसरी तरफ भाई-बहन की शादी की फोटो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो इसको लेकर सवाल जवाब शुरू हो गया। मडियाहूं के मईडीह जगन्नाथपुर पहुंचकर समाज कल्याण अधिकारी नीरज पटेल ने भी जाँच शुरू कर दी। युवती के साथ जिस लड़के की शादी कागज पर दर्ज हुई है, उसी युवक की चाची ने बताया कि उनका भतीजा सामूहिक विवाह के आयोजन से 15 दिन पहले गांव आया था। उसके बाद वह नहीं दिखा। जिस लड़की ने उस युवक के साथ शादी की है, उसने बताया कि शादी के बाद उसका पति मुंबई चला गया है।

Author: fastblitz24



