हरदा: गुजरात के एक पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट ने मध्य प्रदेश के हरदा जिले के एक परिवार को पूरी तरह खत्म कर दिया। इस हादसे में हरदा के एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत हो गई। यह परिवार आर्थिक तंगी के चलते गुजरात मजदूरी करने गया था, लेकिन वहां से उनके शव ही वापस लौटे
परिवार की मुखिया ने बताया कि उनका बेटा सत्यनारायण होली के दिन गुजर गया था। उसकी तेरहवीं करने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। इसलिए बेटा, पोते और परिवार के अन्य सदस्य काम करने के लिए गुजरात गए थे। योजना थी कि कुछ पैसे कमाकर लौटेंगे और तेरहवीं का आयोजन करेंगे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

गुजरात के भावनगर जिले के एक पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके में ये सभी लोग चपेट में आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट इतना भीषण था कि पूरी फैक्ट्री ध्वस्त हो गई और वहां काम कर रहे लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, धमाके के कारण शव बुरी तरह झुलस गए, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया। डीएनए टेस्ट के माध्यम से मृतकों की पहचान की जा रही है। हरदा प्रशासन ने पीड़ित परिवार की मदद के लिए गुजरात सरकार से बातचीत की है।
इस घटना के बाद गुजरात सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की है। वहीं, मध्य प्रदेश सरकार ने भी हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों को सहायता देने का आश्वासन दिया है।
यह हादसा एक बार फिर से पटाखा फैक्ट्रियों में सुरक्षा उपायों की अनदेखी और मजदूरों की जान जोखिम में डालने की गंभीर समस्या को उजागर करता है। प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।

Author: fastblitz24



