मेरठ – मेरठ की IIMT यूनिवर्सिटी में हाल ही में नमाज को लेकर विवाद खड़ा हो गया। 22 वर्षीय छात्र खालिद, जो इस यूनिवर्सिटी में पढ़ते हैं, ने 10 मार्च को सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया था। इस वीडियो में लगभग 60 से 70 छात्र यूनिवर्सिटी ग्राउंड में नमाज अदा करते नजर आ रहे थे।
खालिद का कहना है कि न तो वह खुद नमाज पढ़ रहे थे और न ही उन्होंने यह वीडियो बनाया था। इसके बावजूद, उन्हें इस मामले में जेल जाना पड़ा। इस विवाद के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने वीडियो को लेकर संज्ञान लिया और संबंधित छात्रों पर कार्रवाई की।

IIMT यूनिवर्सिटी के कैंपस में सामूहिक रूप से नमाज पढ़े जाने का यह वीडियो वायरल होने के बाद मामला गरमाया। प्रशासन ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए जांच शुरू की। वीडियो साझा करने वाले छात्र खालिद को भी प्रशासन ने निलंबित कर दिया, हालांकि उनका कहना है कि उन्होंने केवल वीडियो शेयर किया था, न कि इसे रिकॉर्ड किया था।
खालिद के अनुसार, वह यूनिवर्सिटी ग्राउंड में मौजूद थे लेकिन उन्होंने नमाज नहीं पढ़ी थी। उन्होंने सिर्फ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को साझा किया था। इसके बावजूद, उन्हें प्रशासन और पुलिस की सख्ती का सामना करना पड़ा।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कैंपस में किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधियों की अनुमति नहीं है, जिससे शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो। मामले की जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। कई लोग इसे धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़ रहे हैं, जबकि कुछ इसे अनुशासनहीनता मान रहे हैं। राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की भी इस पर अलग-अलग राय है।
फिलहाल, प्रशासन इस मामले की विस्तृत जांच कर रहा है। खालिद की सजा को लेकर भी पुनर्विचार करने की मांग उठ रही है।
यह देखना दिलचस्प होगा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन इस विवाद का समाधान कैसे निकालता है और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

Author: fastblitz24



