न्यू दिल्ली : गुरुवार को अहमदाबाद हवाई अड्डे के पास एयर इंडिया की लंदन जाने वाली उड़ान AI 171 के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर ने देश को हिलाकर रख दिया। 232 यात्रियों को ले जा रहा यह विमान मेघाणीनगर के पास उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद क्रैश हो गया, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। दुर्घटनास्थल से उठता घना धुआं दूर वस्त्रपुर तक दिखाई दे रहा था। यह पिछले पांच सालों में भारत में हुआ पहला बड़ा विमान हादसा है, जिसने एक बार फिर हवाई सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं और दुनिया भर में हुए कुछ सबसे भयावह हवाई हादसों की दुखद यादों को ताजा कर दिया है।

अहमदाबाद की इस घटना ने न केवल भारत के बल्कि देश दुनिया में विमानन सुरक्षा प्रोटोकॉल पर फिर से ध्यान केंद्रित किया है, बल्कि इसने हमें उन घातक हवाई त्रासदियों की याद भी दिलाई है, जिन्होंने इतिहास में सैकड़ों जानें ली हैं। चाहे वह तकनीकी खराबी हो, मानवीय त्रुटि हो या अप्रत्याशित मौसम की स्थिति, हवाई दुर्घटनाएं हमेशा दिल दहला देने वाली होती हैं।
पूरा पढ़िए… ????



दुनिया भर में कई ऐसे हवाई हादसे हुए हैं, जिनकी कहानियां आज भी लोगों को झकझोर देती हैं। दक्षिण कोरिया में हाल ही में एक विमान का लैंडिंग के दौरान रनवे से फिसलकर दीवार से टकरा जाना, ब्राजील में एक रिहायशी इलाके में विमान का क्रैश होना, या नेपाल में पहाड़ों की जटिल भौगोलिक स्थिति के कारण लगातार होने वाले हादसे, यह सब दर्शाते हैं कि हवाई यात्रा में जोखिम हमेशा बना रहता है। मलेशिया एयरलाइंस की MH17 उड़ान को यूक्रेन में मार गिराने या एयर इंडिया की फ्लाइट 182 में बम विस्फोट जैसी घटनाएं बताती हैं कि आतंकवाद भी हवाई सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। इन त्रासदियों ने न केवल विमान डिजाइन और रखरखाव के प्रोटोकॉल को मजबूत किया है, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और खुफिया जानकारी साझा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।
देश में हुए पिछले विमान हादसे ????
2020: एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट IX-1344 – कोझीकोड: वंदे भारत मिशन का बोइंग 737-800, भारी बारिश में टेबलटॉप रनवे से फिसला, 21 मौतें।
2010: एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट IX-812 – मैंगलोर: दुबई से मैंगलोर आ रहा बोइंग 737-800, टेबलटॉप रनवे से आगे निकलकर खाई में गिरा और आग लगी, 158 मौतें।
1998: एलायंस एयर फ्लाइट 7412 – पटना: बोइंग 737-2A8 लैंडिंग के दौरान नियंत्रण खो बैठा और आवासीय क्षेत्र में गिरा, 60 मौतें (जमीन पर भी हताहत)।
दुनिया के कुछ अन्य बड़े और घातक हवाई हादसे:
2024 (दक्षिण कोरिया): लैंडिंग के दौरान रनवे से फिसलकर दीवार से टकराया विमान, 179 मौतें (संभावित)।
2024 (ब्राजील): वोएपास एयरलाइंस एटीआर-72 रिहायशी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त, 62 मौतें (चालक दल सहित)।
2024 (नेपाल): काठमांडू में प्लेन क्रैश, 19 में से 18 की मौत। नेपाल में पहाड़ों की जटिलता और मौसम की अनिश्चितता के कारण लगातार हादसे होते हैं।
2014: मलेशिया एयरलाइंस फ्लाइट 17 (MH17): यूक्रेन में मार गिराया गया, सभी 298 यात्रियों की मौत, बाद में डच कोर्ट ने 3 को दोषी पाया।
1985: एयर इंडिया फ्लाइट 182: कनाडा से लंदन होते हुए भारत जा रहे विमान में आयरलैंड के तट के पास बम विस्फोट, सभी 329 लोगों की मौत।
2009: एयर फ्रांस फ्लाइट 447: अटलांटिक महासागर के ऊपर गायब, 228 यात्रियों को ले जा रही थी।
1974: तुर्की एयरलाइंस उड़ान 981: फ्रांस में दुर्घटनाग्रस्त, कार्गो दरवाजे में डिजाइन की खराबी, 346 मौतें (उस समय यूरोपीय इतिहास की सबसे घातक)।
2020: पाकिस्तान विमान हादसा (कराची): पाकिस्तान एयरलाइंस का एयरबस-ए-320, 97 यात्री और 8 क्रू सदस्य सवार, सभी की मौत।
1979: अमेरिकन एयरलाइंस फ्लाइट 191: शिकागो में दुर्घटनाग्रस्त, टेकऑफ के दौरान बाएं इंजन में तकनीकी खराबी, 273 मौतें।
यह दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं विमानन सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करती हैं और यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर देती हैं कि ऐसी त्रासदियां भविष्य में न हों।
Author: fastblitz24



