जौनपुर: रिश्तों में बढ़ता तनाव और धैर्य की कमी अब भयावह रूप ले रही है। जौनपुर के सिकरारा थाना क्षेत्र के पहसना गांव में आज एक बेहद दुखद घटना सामने आई, जहाँ मामूली पारिवारिक विवाद के चलते एक दंपत्ति ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, आज सुबह गांव निवासी राजाराम और उनके पुत्र आदित्य कुमार (28) के बीच धान की रोपाई को लेकर विवाद शुरू हुआ। राजाराम ने अपने पुत्र आदित्य की पत्नी रेखा देवी (24) से धान रोपने के काम में सहयोग करने को कहा, जिस पर दोनों ने मना कर दिया। यह छोटी सी बात दिनभर तू-तू मैं-मैं में बदल गई और विवाद गहराता चला गया। दोपहर लगभग तीन बजे, आदित्य कुमार और उनकी पत्नी रेखा ने खुद को घर के एक कमरे में अंदर से बंद कर लिया। परिवार के अन्य सदस्यों ने देखा कि कमरे के दरवाजे के बाहर विषाक्त पदार्थ का एक खाली पैकेट पड़ा हुआ है, जिससे उन्हें किसी अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने तुरंत दरवाजा खटखटाना शुरू किया, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई।
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घबराए परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर, थाना प्रभारी उदय प्रताप सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस कर्मियों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया तो देखा कि आदित्य और रेखा दोनों अचेत अवस्था में पड़े हुए थे। थानाध्यक्ष ने बिना देर किए दोनों को तत्काल पुलिस वाहन में डालकर मछलीशहर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया। वहाँ चिकित्सकों ने प्रारंभिक उपचार करने के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहाँ उनकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
आजकल समाज में लोगों के अंदर धैर्य की कमी साफ दिखाई देती है। छोटी-छोटी बातों पर भी लोग आत्महत्या जैसे गंभीर कदम उठाने को तैयार हो जाते हैं। यह अत्यंत चिंताजनक प्रवृत्ति है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को चाहिए कि वे ऐसे गंभीर विचारों से खुद को रोकें और छोटी-छोटी बातों को आपसी बातचीत और मध्यस्थता से हल करने का प्रयास करें। लोगों को एक-दूसरे की बातों को समझना चाहिए और किसी के साथ भी ज्यादती करने से बचना चाहिए।
Author: fastblitz24



