Fastblitz 24

हरछठ का पावन पर्व: पुत्रों की लंबी आयु के लिए माताओं ने रखा व्रत

जौनपुर: गुरुवार को जौनपुर में माताओं ने अपने पुत्रों की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए ललही छठ का व्रत पूरे विधि-विधान के साथ मनाया। भाद्रपद मास की छठी तिथि को पड़ने वाले इस पर्व को बलराम जयंती और हलषष्ठी के नाम से भी जाना जाता है।

सुबह से ही, शहर के ओलंदगंज, गूलरघाट, इसापुर और हनुमानघाट जैसे विभिन्न सार्वजनिक स्थानों और मंदिरों में माताओं की भीड़ देखी गई, जो स्नान के बाद पूजा की थाली सजाकर पहुंची थीं। इस दिन व्रत रखने वाली महिलाएं भैंस के दूध, महुआ, फल और छह प्रकार के अनाजों जैसे गेंहू, चना, जौ और मक्का से छठी मैया का पूजन करती हैं।

पूरा पढ़िये 👇

यह पर्व मुख्य रूप से पुत्रों की सुरक्षा और दीर्घायु के लिए मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान बलराम का जन्म हुआ था। इसलिए, इस व्रत को करने से संतान को बलदाऊ का आशीर्वाद मिलता है और वे पूरे साल सुरक्षित रहते हैं।

इस व्रत से जुड़ी एक खास परंपरा है कि इस दिन हल से जोते गए अनाज का सेवन नहीं किया जाता है। व्रत का प्रसाद और भोजन केवल तिन्नी के चावल और भैंस के दूध से बनी खीर से ही बनता है।

महिलाएं पूजा के लिए पलाश, सरपत और झरबेर की टहनियों को एक साथ गूथकर स्वच्छ स्थान पर स्थापित करती हैं। इसके बाद, सामूहिक रूप से बैठकर छठी मैया की कथा सुनती और सुनाती हैं।

यह पर्व जौनपुर के ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में बड़े उत्साह के साथ मनाया गया, जहाँ माताओं ने मिलकर अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

 

 

fastblitz24
Author: fastblitz24

Spread the love

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज