यूपी के जिला सिद्धार्थनगर मुख्यालय स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग 28 पर विकास भवन कार्यालय से सटे वर्षों पुराने मंदिर को प्रशासन ने सोमवार की रात दो बजे बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। गौरतलब है कि टूटे मंदिर में हनुमानजी, भगवान श्रीराम और मां दुर्गा की प्रतिमाएं विराजमान थीं। नवरात्र में दुर्गा मंदिर तोड़े जाने पर हंगामा हो गया। मंदिर विकास भवन की सरकारी बिल्डिंग की दीवार के सहारे बना था। प्रशासनिक अफसरों ने मंगलवार देर रात उसे ढहा दिया। बुधवार सुबह मंदिर ढहा देखकर लोग भड़क गए। विकास भवन में हंगामा करने लगे। मंदिर के टूटे जाने से जिले भर के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस मामले में भाजपा नेता योगेंद्र ने सफाई देते हुए कहा कि दुर्गा जी की मंदिर सीडीओ कार्यालय से सटी हुई थी जहां लोग पेशाब करने जाते थें, जिससे दुर्गा जी का अपमान हो रहा था इस लिए मंदिर को तोड़कर दूसरी जगह शिफ्ट करने की प्लानिंग थी। उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी और आरएसएस के साथ पीछले तीन महीनों से बात चल रही थी। वहीं लोगों का कहना है कि यदि मंदिर दूसरी जगह शिफ्ट करनी थी तो दुर्गा जी, श्री राम जी और हनुमान जी की मूर्ति समेत ही क्यों आधी रात में तोड़ दिया गया।

Author: fastblitz24



