वॉशिंगटन. भारतीय नागरिकों के लिए अमेरिका में प्रवेश करना मुश्किल होता जा रहा है। इसके अलावा कनाडा और दूसरे विकसित देश भी भारतीयों की बढ़ती जनसंख्या के खिलाफ अलग-अलग तरह के कदम उठा रहे हैं। इसका प्रमुख कारण इन देशों में बढ़ता राष्ट्रवाद और पॉलिटिकल प्रेशर है। इस कारण ये देश वीजा नियमों को कड़ा कर रहे हैं। हाल के वर्षों में कई देशों ने इमिग्रेशन कानूनों में बदलाव किए हैं, जिससे भारतीयों के लिए वहां एंट्री करना मुश्किल हो गया है। हालांकि, रूस, जापान और कई दूसरी पुरानी या लेबर-शॉर्ट इकॉनमी भारतीय वर्कर्स के लिए तेज़ी से अपने दरवाजे खोल रही हैं।

विकसित देशों की एडवांस्ड इकॉनमी घटती बर्थ रेट, काम करने की उम्र वाली आबादी में कमी और बढ़ते डिपेंडेंसी रेश्यो का सामना कर रही हैं। वहीं, वहीं भारत हर साल अपने जॉब मार्केट में लाखों वर्कर्स को जोड़ रहा है। घरेलू एम्प्लॉयमेंट ग्रोथ मजबूत है। फिर भी वह सभी वर्कर्स को उनकी चाह के मुताबिक नौकरियां नहीं दे पा रही है। यही डेमोग्राफिक असमानता भारतीय वर्कर् को विदेश जाने पर मजबूत करती है, ताकि वह बेहतर भविष्य के लिए रोजगार को पा सकें और उन देशों की जरूरतों को पूरा कर सकें।


Author: fastblitz24



