हर साल 25 दिसंबर को ईसा मसीह का जन्मदिन बड़े ही धूम धाम से देश से लेकर विदेशों तक में मनाया जाता है। यह त्यौहार खासकर अमेरिका और कई ईसाई देशों में मनाया जाता है। ईसा मसीह को दो अलग अलग धर्मो के लोग अलग अलग तरीके से मानते हैं। इस्लामिक ग्रंध के अनुसार ईसा अलैहिस्सलाम अल्लाह के नबी हैं। दूसरी तरफ ईसाई धर्म इन्हें परमेश्वर के रूप में मानते हैं। ईसाई धर्म में ईसा मसीह की मां मरियम को कुँवारी परमेश्वर की माँ के रूप में मानता है। हालांकि,, ईसाई और इस्लामिक दोनों ग्रंधों के अनुसार उनका जन्म चमत्कारी पवित्र रूप से हुआ है। ईसाई धर्म का मानना है कि वह कुंवारी मरियम के गर्भ में पवित्र आत्मा बनकर आए और यात्रा के दौरान एक अस्तबल में उनका जन्म हुआ। चमत्कारी रूप से प्रभु यीशू के आने के बाद यूसुफ जोसेफ नामक बढई ने मंगेतर के रूप में अपनाया था। जबकि इस्लामिक किताब में कहीं ईसा इलैहिस्सलाम के पिता का जिक्र नहीं है। इस्लामिक किताब के अनुसार बीबी यानी लेडी मरियम हमेशा कुंवारी रहीं और यूसुफ उनके संरक्षक थें न कि उनके पति थें। इन्हें ईसाई धर्म और इस्लाम दोनों में अत्यंत पवित्र और आदरणीय अलग तरीकों से माना गया है। जैसा कि कुरान और बाइबिल दोनों में बताया गया है। ईसा मसीह फिर से दुनियां में आएंगे एैसा इस्लामिक गुरूओं का मानना है।

Author: fastblitz24



