जौनपुर। शाहगंज स्थित निजी अस्पताल में महिला ने साइक्लोपिया सिंड्रोम बीमारी से ग्रसित एक बच्चे को जन्म दिया। इस बीमारी के कारण बच्चे के चेहरे एक आंख या माथे पर सूंड जैसा दिखाई जाती है। इस मामले को लेकर परिजनों ने बताया कि महिला को 2 बजे प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। करीब आठ घंटे की निगरानी के बाद सुबह लगभग 10 बजे सामान्य प्रक्रिया के तहत डिलीवरी कराई गई।

चिकित्सकों ने बताया कि क्लोपिया सिंड्रोम एक अत्यंत दुर्लभ जन्मजात विकृति है। इसमें भ्रूण के मस्तिष्क और चेहरे का विकास सामान्य रूप से नहीं हो पाता। इस स्थिति में आंखें पूरी तरह अलग.अलग विकसित नहीं हो पातीं और चेहरे की संरचना असामान्य होती है। यह विकार आमतौर पर गर्भावस्था के शुरुआती चरण में विकास संबंधी कारणों से उत्पन्न होता है।


डॉ तारिक शेख ने बताया कि साइक्लोपिया सिंड्रोम के मामले बहुत ही कम देखने को मिलते हैं। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में भी इस बीमारी के उपचार की संभावनाएं बेहद सीमित हैं। उन्होंने बताया कि मरीज की स्थिति को देखते हुए पूरी सावधानी बरती गई और प्रसव पूरी तरह सामान्य प्रक्रिया के तहत सफलतापूर्वक कराया गया। उनका आगे कहना है कि गर्भावस्था के दौरान नियमित जांचए अल्ट्रासाउंड और समय.समय पर चिकित्सकीय परामर्श बेहद जरूरी होता है। इससे किसी भी तरह की असामान्यता की पहचान शुरुआती चरण में की जा सकती है।
Author: fastblitz24



