जौनपुर। मुख्य न्यायाधीश दंडाधिकारी श्वेता यादव ने गैंगरेप के एक मामले में कोतवाली पुलिस को आदेश दिया है कि मामला पंजीकृत कर विवेचना कराई जाए। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि नगर के मंडी नसीब खान निवासिनी काल्पनिक नाम अंजलि ने न्यायालय में प्रार्थना पर दिया कि थाना कोतवाली के मोहल्ला ओलंदगंज निवासी हिमांशु मोदनवाल पुत्र त्रिलोकी का उसके भाई से दोस्ती रही। जिसके कारण वह घर पर आता जाता रहा।

हिमांशु मोदनवाल को कहीं से युवती का मोबाइल नंबर मिल गया और वह उससे बात करने लगा। बातचीत के दौरान मोदनवाल ने कहा कि उसका योगी आदित्यनाथ के मठ गोरखपुर में उसकी अच्छी पहचान है। और वह वहां से जुगाड़ लगाकर उसे सरकारी नौकरी दिलवा देगा। एक दिन फोन करके लड़की को चौकिया में बुलाया और इसका एक फोटो खींचकर नोटरी हलफनामे पर लगाकर शादी कर उसे अपने घर ना ले जाकर मोहल्ला कटघर में स्थित एक किराए का मकान लेकर। यह घटना उसके साथ 18 अगस्त 2023 को घटित हुई थी।


कमरे में उसे बंद कर बाहर से ताला लगाकर चला जाता था और वापस आकर के साथ जबरदस्ती करता था। एक दिन वह अपने साथी पंकज कुमार प्रजापति पुत्र अखिलेश कुमार प्रजापति निवासी हुसैनाबाद थाना लाइन बाजार और अमित कुमार पुत्र राजकुमार निवासी हनुमान घाट थाना कोतवाली के साथ घर पर आया और तीनों ने उसके साथ जबरदस्ती बलात्कार किया। तीनों आपस में बातचीत करने लगे कि कल इसे लेकर कर एक दलाल से बातचीत हो गई है इसे बेंच अच्छी रकम हासिल कर लिया जाएगा। लड़की रात में किसी तरह से वहां से भाग निकली और अपनी जान बचाई।
हिमांशु मोदनवाल उसके साथ जबरदस्ती करने के लिए उसे गालियां देने के साथ हमेशा जान मारने की धमकी दिया करता था। इनके चंगुल से छुटने के बाद युवती ने पूरे घटना की जानकारी पुलिस अधीक्षक समेत कोतवाली पुलिस को दिया लेकिन उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। तब युवती ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाया। मुख्य न्यायाधीश दंडाधिकारी कोतवाली पुलिस को निर्देशित किया कि तीन दिन के अंदर मामला पंजीकृत कर विवेचना निष्पक्ष कराई जाए।
Author: fastblitz24



