जौनपुर। कोतवाली पुलिस ने एक फ़र्जी दरोगा के खिलाफ धोखाधड़ी कर करीब 6 लाख रुपये की ठगी करने का मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपी और उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
चोखा-बाटी की दुकान से शुरू हुआ संपर्क
सूत्रों के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र के मोहल्ला बलुआघाट निवासी पीड़ित अरविंद कुमार निषाद (पुत्र केदारनाथ निषाद) ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि आरोपी शुभम श्रीवास्तव (पुत्र अशोक कुमार श्रीवास्तव, निवासी कादनपुर, थाना मछलीशहर) कोतवाली चौराहे पर स्थित उसकी चोखा-बाटी की दुकान पर अपने साथियों के साथ अक्सर आया-जाया करता था। इस दौरान अरविंद का शुभम और उसके साथियों से परिचय और अच्छा संबंध हो गया।
ज़मीन दिलाने के नाम पर 5.62 लाख की ठगी
आरोपी शुभम ने अरविंद को बताया कि वह सब-इंस्पेक्टर (SI) है और पैर में चोट लगने के कारण मेडिकल लीव (अवकाश) पर चल रहा है। उसने कहा कि समय खाली होने की वजह से वह प्रॉपर्टी/ज़मीन का कारोबार भी देख रहा है।
झांसा: शुभम ने पीड़ित को एक ज़मीन दिखाई, जो अरविंद को पसंद आ गई। लेन-देन: सौदा तय होने के बाद अरविंद ने ऑनलाइन और नकद मिलाकर कुल ₹5,62,000 शुभम को दे दिए। फरार: जब ज़मीन का बैनामा करवाने की बात आई, तो फ़र्जी एसआई बना शुभम अपने साथियों के साथ गायब हो गया।
पैसा मांगने पर मारपीट और धमकी
घटना 1 अप्रैल 2026 की है। पीड़ित अरविंद अपना ठेला लेकर सद्भावना पुल पर मौजूद था, तभी उसने शुभम श्रीवास्तव को उसके पिता अशोक श्रीवास्तव, उसकी मां और साथी अमित कुमार सोनकर (निवासी मझगवां, थाना जलालपुर) के साथ ई-रिक्शा में जाते देखा। जब अरविंद ने उन्हें रोककर अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने मिलकर उसे मारा-पीट और जान से मारने की धमकी दी।
IPS गोल्डी गुप्ता के हस्तक्षेप पर दर्ज हुआ मुकदमा
पीड़ित अरविंद काफी समय से एफआईआर दर्ज कराने के लिए भटक रहा था। अंततः उसने क्षेत्राधिकारी नगर आईपीएस गोल्डी गुप्ता से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई और शुभम की दरोगा की वर्दी वाली कई तस्वीरें साक्ष्य के तौर पर दिखाईं। कार्रवाई: आईपीएस गोल्डी गुप्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस को तत्काल एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना (जांच) के सख्त निर्देश दिए, जिसके बाद मामला दर्ज कर लिया गया है।




