जौनपुर – वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग द्वारा शनिवार को विश्व जल दिवस के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी भारत सरकार के मिशन लाइफ के तत्वावधान में आयोजित की गई, जिसमें जल के महत्व और ग्लेशियरों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं समाजसेवी प्रो. के.एस. पांडेय ने जल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि वर्ष 2025 ग्लेशियरों के संरक्षण और उनके सतत प्रबंधन पर केंद्रित है। उन्होंने भारत की जल संसाधनों की स्थिति पर बात करते हुए कहा कि भारत के 36% क्षेत्रफल में 71% जल संसाधन सिमटे हुए हैं, जबकि शेष 64% क्षेत्र में केवल 29% जल उपलब्ध है। उन्होंने ग्लेशियरों के संरक्षण को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए इस दिशा में अधिक प्रयास किए जाने की आवश्यकता जताई।

विज्ञान संकाय के पूर्व संकायाध्यक्ष प्रो. रामनारायण ने पुनर्नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग पर जोर दिया। संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे संकायाध्यक्ष प्रो. राजेश शर्मा ने ग्लेशियर संरक्षण के लिए वैश्विक प्रयासों की आवश्यकता को बताया और कहा कि इसके लिए कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना जरूरी है। उन्होंने जल संकट को गंभीर समस्या बताते हुए इसे हल करने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया
सूक्ष्मजीविकी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एस.पी. तिवारी ने वर्षा जल संरक्षण से भूजल स्तर को बढ़ाने और पानी के पुनः उपयोग को प्रोत्साहित करने की बात की। जैव रसायन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष कुमार गुप्ता ने विश्व जल दिवस 2025 के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि हमें ग्लेशियर संरक्षण के साथ-साथ जल संसाधनों के सतत प्रबंधन और संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित जल सुनिश्चित किया जा सके।
मिशन लाइफ के नोडल अधिकारी और पर्यावरण विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार पांडेय ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संगोष्ठी का विषय प्रवर्तन किया। इस अवसर पर डॉ. अभय कुमार गुप्ता, डॉ. ईशानी, डॉ. सिपाही लाल, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. संजीव मौर्य, डॉ. अवधेश मौर्य, डॉ. प्रतिमा, डॉ. श्वेता और शोध छात्र चंद्र भूषण समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।
संगोष्ठी में यह बात स्पष्ट हुई कि जल संसाधनों के संरक्षण के लिए ग्लेशियरों का संरक्षण जरूरी है, और इसके लिए वैश्विक स्तर पर संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता है। जल के महत्व को समझते हुए हमें अपने जल संसाधनों का सही तरीके से उपयोग करना और उनकी सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

Author: fastblitz24



