समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन के घर पर करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। घटना सुबह 9 बजे शुरू हुई, जब एमजी रोड स्थित सांसद के आवास के बाहर उनके समर्थक जुटने लगे। इसके बाद पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी। करीब 1.15 बजे करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओकेंद्र राणा और वीरू प्रताप 50 गाड़ियों के काफिले के साथ सांसद के घर पहुंचे। इस दौरान दो बुलडोजर भी काफिले में शामिल थे।

पुलिस ने बेरिकेडिंग लगाकर काफिले को रोकने की कोशिश की, लेकिन करणी सेना के कार्यकर्ता आगे बढ़ते रहे। सांसद के घर का गेट तोड़ने का प्रयास किया गया, घर पर पथराव हुआ और कुर्सियां फेंकी गईं। इस झड़प में 14 पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर कार्यकर्ताओं को खदेड़ दिया।


क्या है विवाद की वजह?
इस विवाद की शुरुआत समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन के 21 मार्च को राज्यसभा में दिए गए बयान से हुई। उन्होंने कहा था कि भाजपा हिंदुओं और मुसलमानों के डीएनए को लेकर भ्रामक बयान दे रही है। उन्होंने राणा सांगा का जिक्र करते हुए कहा था कि बाबर को भारत में इब्राहीम लोदी से लड़ने के लिए राणा सांगा ही लाए थे। करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने इस बयान को आपत्तिजनक बताया और सांसद के घर पर ‘राणा सांगा की जय’ लिखने की घोषणा कर दी। इसी के तहत वे प्रदर्शन करने पहुंचे थे।
पुलिस की कार्रवाई
सांसद के घर का गेट तोड़ने का प्रयास किया, घर पर पथराव किया, कुर्सियां फेंकीं। रोकने का प्रयास करने वाले पुलिस के 14 जवान घायल हो गए। पुलिस बेरिकेडिंग को तोड़कर करणी सेना को लोग आगे बढ़ते रहे। पुलिस ने लाठीचार्ज कर करणी सेना को खदेड़ दिया।



