हत्या वाली रात दोनों शराब और स्नैक्स लेकर करीब साढ़े सात बजे घर लौटे थे। राकेश शराब पीते हुए गाने सुन रहा था, तभी गौरी ने एक मराठी गाना चलाया जिसमें बाप-बेटे के रिश्ते का जिक्र था। वह गाने के बोलों के जरिए राकेश का मजाक उड़ाने लगी। इस पर राकेश ने उसे धक्का दे दिया, जिससे गौरी रसोई के पास गिर गई। उसने राकेश पर चाकू फेंका लेकिन निशाना चूक गया।
गुस्से में आकर राकेश ने वही चाकू उठाया और करीब 9 बजे गौरी की गर्दन पर दो बार और पेट में एक बार वार कर दिया।

हत्या के बाद राकेश ने घायल गौरी से कहा कि वह उसके लगातार तानों से तंग आकर आपा खो बैठा। जब गौरी की मौत हो गई, तो उसने शव को एक बड़े सूटकेस में रखकर बाथरूम में छिपा दिया। फिर घर की सफाई की और महाराष्ट्र भाग गया, जहां से उसे गिरफ्तार किया गया।
राकेश के अनुसार, गौरी ने बेंगलुरु में नई शुरुआत के लिए जोर दिया था। लेकिन एक महीने में नौकरी नहीं मिलने पर वह मुंबई लौटने का दबाव डालने लगी। दोनों के बीच झगड़े बढ़ने लगे। राकेश ने बताया कि स्कूल के दिनों से ही गौरी उस पर हावी रही थी। वह उससे प्रेम करता था, इसीलिए सब कुछ सहता रहा—लेकिन आखिरकार बात जानलेवा बन गई।

Author: fastblitz24



