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इजरायल का ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’: ईरान पर ताबड़तोड़ हवाई हमले, 6 परमाणु वैज्ञानिक ढेर, मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर

नई दिल्ली: मध्य-पूर्व एक बार फिर युद्ध के मुहाने पर खड़ा है। इजरायल ने ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ के तहत ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में ईरान के छह परमाणु वैज्ञानिकों सहित कई शीर्ष सैन्य कमांडरों के मारे जाने की खबर है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के उद्देश्य से किए गए इन हमलों ने वैश्विक भू-राजनीति में हलचल मचा दी है।

शुक्रवार की सुबह ईरान की राजधानी तेहरान में तेज धमाकों की आवाज से लोग सहम उठे। इजरायली वायु सेना ने 200 से अधिक लड़ाकू विमानों का उपयोग कर इन हमलों को अंजाम दिया। इन हमलों से क्षेत्र में टकराव की आशंका बढ़ गई है, जिसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 12% से अधिक उछलकर $77 प्रति बैरल को पार कर गईं, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी आसमान छू गया।

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         इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि इन हमलों का लक्ष्य तेहरान के परमाणु कार्यक्रम और सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाना है, और यह तब तक जारी रहेगा जब तक खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के कमांडर होसेन सलामी के मारे जाने की भी खबर दी है, जिसकी IDF (इजरायल डिफेंस फोर्सेस) ने पुष्टि की है। IDF ने दावा किया है कि ईरान के चीफ ऑफ स्टाफ और इमरजेंसी कमांड के कमांडर भी इन हमलों में मारे गए हैं, जिन्हें उन्होंने “अंतर्राष्ट्रीय रक्त के प्यासे क्रूर हत्यारे” बताया है।

        इन हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। फलस्तीनी समूह हमास ने इजरायल के हमलों को “क्षेत्र को अस्थिर करने वाला खतरनाक कदम” बताया है और ईरान के फिलिस्तीन के समर्थन को इसका कारण बताया है। सऊदी अरब ने भी इन हमलों की कड़ी निंदा की है, जबकि चीन ने इजरायल में अपने नागरिकों को “अत्यधिक सतर्क” रहने की चेतावनी दी है। ओमान, जो अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता में मध्यस्थता कर रहा था, ने भी इजरायल को इस “खतरनाक, लापरवाह वृद्धि” के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इजरायल द्वारा मध्य-पूर्व में “सैन्य वृद्धि” की निंदा की है और दोनों पक्षों से अधिकतम संयम बरतने का आग्रह किया है। अमेरिका ने इन हमलों में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है, लेकिन अमेरिकी डेमोक्रेटिक सीनेटरों ने इजरायल के “लापरवाह वृद्धि” की कड़ी आलोचना की है। वहीं, ईरान के सशस्त्र बलों के प्रवक्ता ने कहा है कि इजरायल और अमेरिका को इस हमले के लिए “भारी कीमत चुकानी पड़ेगी”। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी अपने प्रमुख होसेन सलामी की हत्या का बदला लेने की कसम खाई है।

इन हमलों से पहले, अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता रविवार को ओमान में होने वाली थी, लेकिन ईरान ने घोषणा की है कि वह “अगली सूचना तक” इन वार्ताओं में भाग नहीं लेगा। इससे क्षेत्र में तनाव और भी बढ़ने की आशंका है।

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Author: fastblitz24

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