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लखनऊ में कोरोना का खतरा बढ़ा: पांच नए मरीज मिले, देश में ‘निमबस’ वेरिएंट की दस्तक से चिंता!

लखनऊ :राजधानी लखनऊ में कोरोना संक्रमण एक बार फिर अपने पैर पसार रहा है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। बुधवार को शहर में पांच नए मरीज सामने आए, जिससे सक्रिय मामलों की कुल संख्या 43 हो गई है। वहीं, देश में कोरोना के नए ‘निमबस’ वेरिएंट (NB.1.8.1) की दस्तक ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है, जिसने हाल ही में सिंगापुर और हांगकांग में नई लहर शुरू की थी।

 

लखनऊ में कोरोना संक्रमण के मामलों में पिछले कुछ हफ्तों से धीरे-धीरे वृद्धि देखी जा रही है। बुधवार को सामने आए पांच नए मरीजों में एक महिला और चार पुरुष शामिल हैं:

 * कृष्णा नगर निवासी 54 वर्षीय महिला

 * दिलकुशा निवासी 81 वर्षीय पुरुष

 * राणा प्रताप मार्ग निवासी 75 वर्षीय पुरुष

 * न्यू हैदराबाद निवासी 55 वर्षीय पुरुष

 * हजरतगंज निवासी 27 वर्षीय पुरुष

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        इनमें से किसी भी मरीज की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है, जो इस बात का संकेत है कि संक्रमण स्थानीय स्तर पर फैल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें मरीजों के परिजनों के सैंपल लेकर जांच कर रही हैं। सभी संक्रमितों को होम आइसोलेशन में रखा गया है और उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। लखनऊ में सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है।

जहां एक ओर लखनऊ में मामले बढ़ रहे हैं, वहीं देश में कोरोना के एक नए वेरिएंट ‘निमबस’ (NB.1.8.1) की पुष्टि हुई है। पुणे और चेन्नई में इस वेरिएंट के दो मरीजों की पहचान की गई है। पुणे स्थित आईसीएमआर-एनआईवी (राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान) ने जीनोम सीक्वेंसिंग के जरिए इसकी पुष्टि की है।

निमबस वेरिएंट की मुख्य विशेषताएं:

 * उत्पत्ति: यह वेरिएंट ओमिक्रॉन के जेएन.1.16 स्वरूप से विकसित हुआ है।

* प्रसार: इसने एक्सएफजी (एसएफ.7 और एलपी.81.2) नामक पुनः संयोजित स्वरूप को प्रतिस्थापित किया है, जो अप्रैल 2025 के दूसरे सप्ताह से भारत में संक्रमण में आई तेजी के पीछे सक्रिय था।

* लक्षण: इसके संक्रमण के लक्षण मध्यम स्तर के हैं।

* गंभीरता: फिलहाल, यह वेरिएंट अधिक खतरनाक प्रतीत नहीं हो रहा है।

आईसीएमआर-एनआईवी पुणे के निदेशक डॉ. नवीन कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में यह वेरिएंट चिंता का विषय नहीं है, लेकिन निरंतर निगरानी अत्यंत आवश्यक है।

बढ़ते मामलों और नए वेरिएंट की उपस्थिति को देखते हुए, लखनऊ के सभी प्रमुख अस्पतालों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। टेस्टिंग और ट्रैकिंग पर फिर से जोर दिया जा रहा है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रैपिड टेस्टिंग की सुविधा शुरू की गई है। जिला प्रशासन ने एक बार फिर से मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।

* लक्षण होने पर जांच कराएं: बुखार, जुकाम या सांस लेने में तकलीफ के लक्षण महसूस होने पर तुरंत जांच करवाएं।

* भीड़ से बचें: बिना जरूरत के भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।

* मास्क और स्वच्छता: मास्क पहनना और हाथों की नियमित सफाई करते रहें।

* हेल्पलाइन का उपयोग करें: कोविड हेल्पलाइन नंबरों पर लक्षणों की जानकारी दें और जांच करवाएं।

लखनऊ में कोरोना की वापसी और देश में निमबस वेरिएंट की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि खतरा अभी टला नहीं है। भले ही फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लापरवाही बरती गई तो यह संक्रमण फिर विकराल रूप ले सकता है। इस समय सतर्कता और सहयोग ही संक्रमण पर नियंत्रण का सबसे कारगर उपाय है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता के साथ-साथ नागरिकों की जिम्मेदारी भी उतनी ही आवश्यक है। यदि सभी सावधानियों का पालन किया जाए, तो इस संक्रमण की संभावित नई लहर को रोका जा सकता है।

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Author: fastblitz24

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