अंगवस्त्रम और माल्यार्पण से नवाजे गए आइडियल इंडिया के संपादक; बोले— ‘कलम से बांटता रहूंगा मोहब्बत का पैगाम’
“जब कड़वाहट के दौर में कलम समाज को जोड़ने लगे, तो महफिलें खुद-ब-खुद सज जाया करती हैं…”
जौनपुर – साहित्य, पत्रकारिता और सामाजिक ताने-बाने को अपनी रचनाओं से मजबूती देने वाले राष्ट्रीय कवि एवं ‘आइडियल इंडिया न्यूज’ के संपादक डॉ. प्रमोद वाचस्पति को जौनपुर में भव्य सारस्वत सम्मान से नवाजा गया। नवाब यूसुफ रोड स्थित जे.के. हैंडलूम परिसर में आयोजित इस गरिमामय समारोह में शहर के गणमान्य नागरिकों ने उनका माल्यार्पण कर और अंगवस्त्रम भेंट कर नागरिक अभिनंदन किया।
यह पूरा आयोजन जौनपुर के वयोवृद्ध शायर व प्रसिद्ध समाजसेवी जनाब अनवारुलहक दुलारे ‘अनवार जौनपुरी’ के मार्गदर्शन में उनके सुपुत्र माजिद अनवार द्वारा आयोजित किया गया था।
“डॉ. वाचस्पति की रचनाओं में झलकती है राष्ट्रभक्ति और सौहार्द्र की झलक”
कार्यक्रम के आयोजक माजिद अनवार ने कहा कि डॉ. प्रमोद वाचस्पति एक निष्पक्ष और निर्भीक संपादक होने के साथ-साथ एक बेहद संवेदनशील कवि हैं। उनकी काव्य प्रस्तुति मनमोहक होने के साथ-साथ समाज को एक नई दिशा देती है।
समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी मौलाना ताज साहब ने कहा:
“डॉ. वाचस्पति का साहित्य समाज में बिखराव रोकने और आपसी प्रेम की नींव को मजबूत करने का काम करता है। उनकी कलम में राष्ट्र प्रेम की भावना साफ तौर पर नजर आती है।”
साहित्यकारों का सम्मान ही समाज का असली मार्गदर्शन: जफर मसूद
मरकजी सीरत कमेटी के पूर्व अध्यक्ष (साबिक सदर) जनाब जफर मसूद ने कहा कि कवियों, शायरों और विद्वानों का सम्मान करने की परंपरा से युवा पीढ़ी तक एक बेहद सकारात्मक और दूरगामी संदेश पहुंचता है।
भावुक हुए डॉ. वाचस्पति, कहा— “अंतिम सांस तक निभाऊंगा कलम का धर्म”
नागरिक अभिनंदन से अभिभूत डॉ. प्रमोद वाचस्पति ने अनवार जौनपुरी और उनके परिवार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा:
“आप सब ने जो सम्मान मुझे दिया है, उसके लिए मैं दिल की गहराइयों से आभारी हूं। मैं वादा करता हूं कि अपनी कलम और रचनाओं के माध्यम से राष्ट्रीय प्रेम, सामाजिक एकता और भाईचारे का पैगाम अनवरत फैलाता रहूंगा।”
समारोह में ये प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद
इस गरिमामय मौके पर मौलाना ताज साहब, अनीस अहमद, जफर मसूद, साजिद अनवार, माजिद अनवार और अब्दुल रहमान समेत जौनपुर शहर के अनेक गणमान्य व संभ्रांत नागरिक मौजूद रहे।




