जौनपुर। शहर के राज कॉलेज सभागार में रविवार को कायस्थ समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इसमें समाज की एकजुटता, उत्थान और सामाजिक उत्त्तरदायित्वों पर विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने समाज के गौरवशाली इतिहास का हवाला देते हुए वर्तमान समय में संगठित प्रयासों कीआवश्यकता पर बल दिया। महापुरुषों के आदर्शों पर चलने का आह्वान मुख्य वक्ता और राज कॉलेज के प्रवक्ता अंजनी श्रीवास्तव ने कहा कि कायस्थ समाज का इतिहास अत्यंत प्रेरणादायी रहा है। नेताजी सुभाषचंद्र बोस, जयप्रकाश नारायण, खुदीराम बोस और डॉ. राजेंद्र प्रसाद जैसे महापुरुष हमारे आदर्श हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, "कायस्थ समाज परंपरागत रूप से जातिवाद से दूर रहा है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में अपने कमजोर और अभावग्रस्त वर्गों को सशक्त करने के लिए एकजुट होना अनिवार्य है।" वेलफेयर ट्रस्ट से मिलेगी मदद विशिष्ट अतिथि डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने समाज के उत्थान के लिए ‘कायस्थ वेलफेयर ट्रस्ट’ के गठन का ठोस प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि इस ट्रस्ट में चिकित्सक, पत्रकार, अधिवक्ता और शिक्षक जैसे प्रबुद्ध वर्ग शामिल होकर जरूरतमंदों की प्रभावी सहायता कर सकते हैं। वहीं, डॉ. अतुल श्रीवास्तव ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि समाज अब भी एकजुट नहीं हुआ, तो पिछड़ने का खतरा बढ़ जाएगा। अहंकार त्याग कर एक मंच पर आने की अपील डॉ. नवीन चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब समाज के लोग अहंकार त्याग कर एक मंच पर आएं। उमेश चंद्र श्रीवास्तव ने सक्षम लोगों से अपील की कि वे आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की शिक्षा में सहयोग करें, ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल हो सके। सम्मान और संकल्प कार्यक्रम के अंत में आयोजक अंजनी श्रीवास्तव ने दया शंकर निगम, श्याम रतन श्रीवास्तव और आनंद शंकर श्रीवास्तव (शिशु) सहित अन्य अतिथियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। बैठक में सभी स्वजातीय बंधुओं ने आपसी परिचय साझा किया और एक-दूसरे के सहयोग का संकल्प लिया। मंच संचालन: वरिष्ठ पत्रकार संजय अस्थाना ने अपने प्रभावशाली शब्दों से कार्यक्रम का सफल संचालन किया। आभार प्रदर्शन: प्रधानाचार्य डॉ. संजय चौबे ने सभी आगंतुकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इनकी रही उपस्थिति: इस अवसर पर अवधेश श्रीवास्तव, डॉ. अखिलेश, डॉ. विवेक, विकास अस्थाना, नागेंद्र श्रीवास्तव, संतोष श्रीवास्तव, अजय श्रीवास्तव (अज्जू), नवीन, विनय, विजय, देवव्रत और रमेश श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य जन उपस्थित रहे।
Author: fastblitz24
आवश्यकता पर बल दिया।
महापुरुषों के आदर्शों पर चलने का आह्वान
मुख्य वक्ता और राज कॉलेज के प्रवक्ता अंजनी श्रीवास्तव ने कहा कि कायस्थ समाज का इतिहास अत्यंत प्रेरणादायी रहा है। नेताजी सुभाषचंद्र बोस, जयप्रकाश नारायण, खुदीराम बोस और डॉ. राजेंद्र प्रसाद जैसे महापुरुष हमारे आदर्श हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, "कायस्थ समाज परंपरागत रूप से जातिवाद से दूर रहा है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में अपने कमजोर और अभावग्रस्त वर्गों को सशक्त करने के लिए एकजुट होना अनिवार्य है।"
वेलफेयर ट्रस्ट से मिलेगी मदद
विशिष्ट अतिथि डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने समाज के उत्थान के लिए ‘कायस्थ वेलफेयर ट्रस्ट’ के गठन का ठोस प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि इस ट्रस्ट में चिकित्सक, पत्रकार, अधिवक्ता और शिक्षक जैसे प्रबुद्ध वर्ग शामिल होकर जरूरतमंदों की प्रभावी सहायता कर सकते हैं। वहीं, डॉ. अतुल श्रीवास्तव ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि समाज अब भी एकजुट नहीं हुआ, तो पिछड़ने का खतरा बढ़ जाएगा।
अहंकार त्याग कर एक मंच पर आने की अपील
डॉ. नवीन चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब समाज के लोग अहंकार त्याग कर एक मंच पर आएं। उमेश चंद्र श्रीवास्तव ने सक्षम लोगों से अपील की कि वे आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की शिक्षा में सहयोग करें, ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल हो सके।
सम्मान और संकल्प
कार्यक्रम के अंत में आयोजक अंजनी श्रीवास्तव ने दया शंकर निगम, श्याम रतन श्रीवास्तव और आनंद शंकर श्रीवास्तव (शिशु) सहित अन्य अतिथियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। बैठक में सभी स्वजातीय बंधुओं ने आपसी परिचय साझा किया और एक-दूसरे के सहयोग का संकल्प लिया।
मंच संचालन: वरिष्ठ पत्रकार संजय अस्थाना ने अपने प्रभावशाली शब्दों से कार्यक्रम का सफल संचालन किया।
आभार प्रदर्शन: प्रधानाचार्य डॉ. संजय चौबे ने सभी आगंतुकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
इनकी रही उपस्थिति:
इस अवसर पर अवधेश श्रीवास्तव, डॉ. अखिलेश, डॉ. विवेक, विकास अस्थाना, नागेंद्र श्रीवास्तव, संतोष श्रीवास्तव, अजय श्रीवास्तव (अज्जू), नवीन, विनय, विजय, देवव्रत और रमेश श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य जन उपस्थित रहे।


