हरियाणा के व्यक्ति से हुई थी 80 हजार की लूट; पांच मोबाइल फोन और नकदी बरामद

जौनपुर। जनपद की सरायख्वाजा थाना पुलिस ने शातिर लुटेरों के एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो लोगों को शादी का झांसा देकर बुलाते थे और फिर मारपीट कर उनसे धन व कीमती सामान लूट लेते थे। पुलिस ने गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से विभिन्न कंपनियों के पांच मोबाइल फोन और नकदी बरामद की है।


मुखबिर की सूचना पर काजीबाजार चौराहे से गिरफ्तारी
प्रभारी निरीक्षक अमरेन्द्र कुमार पाण्डेय के कुशल नेतृत्व में गठित टीम, जिसमें उपनिरीक्षक विवेकानन्द सिंह व अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे, क्षेत्र में संदिग्धों की तलाश में थे। इसी दौरान मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने काजीबाजार चौराहे से आगे घेराबंदी कर तीन संदिग्धों को दबोच लिया। जब इनकी जामा तलाशी ली गई और कड़ाई से पूछताछ की गई, तो इन्होंने क्षेत्र में सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोह की तरह वारदातों को अंजाम देने की बात कबूल की।


हरियाणा के व्यक्ति को बनाया था शिकार
अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि बीते 29 अप्रैल 2026 को उन्होंने हरियाणा निवासी सुभाषचन्द्र को शादी कराने का लालच देकर ग्राम कोहड़ा मठ के पास बुलाया था। जैसे ही पीड़ित वहां पहुँचा, तीनों ने मिलकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और उससे 80 हजार रुपये नकद व उसका पोको कंपनी का मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए थे। अभियुक्तों ने बताया कि वे इसी तरह बाहरी लोगों को शादी का झांसा देकर जाल में फंसाते थे।
बरामदगी और अभियुक्तों का विवरण
पुलिस ने अभियुक्तों के पास से ₹5000 नकद और एप्पल, मोटरोला, वीवो, नारजो व पोको सहित कुल 5 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण निम्नवत है:
- जयकिशन: निवासी पाण्डेय उर्फ पुरुषोत्तमपुर (लाइन बाजार)। इसके विरुद्ध पूर्व में भी चोरी और धोखाधड़ी के चार मुकदमे दर्ज हैं।
- देवेन्द्र कुमार गौतम उर्फ रिशभ: निवासी हमजापुर (सरायख्वाजा)। इसके विरुद्ध तीन मुकदमे दर्ज हैं और इस घटना में इसके खिलाफ धारा 317(2) BNS की वृद्धि की गई है।
- सचिन: निवासी जासोपुर (सरायख्वाजा)। इसके खिलाफ भी पूर्व में तीन मुकदमे दर्ज हैं।
विधिक कार्यवाही जारी
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के पकड़े जाने से क्षेत्र में होने वाली लूट की घटनाओं पर अंकुश लगेगा। थाना सरायख्वाजा पर पंजीकृत मु0अ0सं0-262/2026 के तहत अभियुक्तों को न्यायालय में पेश करने के साथ ही विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में मुख्य आरक्षी चन्द्रेश सिंह और आरक्षी मिथलेश कुमार भी शामिल रहे।
Author: fastblitz24


