विशेष संवाददाता | जौनपुर

जिले के सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र के अंतर्गत मल्हनी गांव में एक हिंसक भूमि विवाद के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) करंजाकला की गंभीर लापरवाही सामने आई है। कथित तौर पर, मारपीट में गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति घंटों तक अस्पताल में तड़पता रहा, जबकि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर नदारद पाए गए।


घटना का विवरण
मल्हनी गांव के निवासी सभाजीत यादव के अनुसार, यह विवाद एक पुराने जमीनी रंजिश के चलते शुरू हुआ। आरोप है कि घर में आयोजित एक वैवाहिक समारोह के बाद उपयोग किए गए डिस्पोजेबल पत्तल और गिलास विपक्षी पक्ष की जमीन पर गिर गए। इस मामूली बात ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें विपक्षी पक्ष ने लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया।
इस हमले में सभाजीत यादव और उनके परिवार के तीन अन्य सदस्य घायल हो गए। सभाजीत की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय अभाव
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को एम्बुलेंस की सहायता से तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करंजाकला पहुंचाया। हालांकि, चिकित्सा सहायता मिलने के बजाय मरीज को घंटों इंतजार करना पड़ा।
- दावा बनाम हकीकत: PHC करंजाकला में कागजों पर 24 घंटे एक एमबीबीएस (MBBS) डॉक्टर की उपलब्धता का दावा किया जाता है।
- अनुपस्थिति: प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों का आरोप है कि आपात स्थिति के बावजूद डॉक्टर केंद्र से नदारद थे।
- रेफरल: अंततः, वहां मौजूद फार्मासिस्ट ने मरीज की बिगड़ती हालत को देखते हुए उसे प्राथमिक उपचार के बिना ही जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
आधिकारिक प्रतिक्रिया
जब इस संबंध में चिकित्सा प्रभारी डॉ. संतोष जायसवाल से संपर्क किया गया, तो उन्होंने मामले से अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा:
”इस प्रकरण की जानकारी अभी मेरे संज्ञान में नहीं आई है। मामले की जांच की जाएगी।”
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की दयनीय स्थिति और आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है। वर्तमान में घायलों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है, और पुलिस मामले की वैधानिक जांच कर रही है।
केंद्र में डॉक्टरों की अनुपस्थिति, घायल मरीज को समय पर इलाज नहीं मिला
विशेष संवाददाता | जौनपुर
जौनपुर जिले के सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र के अंतर्गत मल्हनी गांव में एक हिंसक भूमि विवाद के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) करंजाकला की गंभीर लापरवाही सामने आई है। कथित तौर पर, मारपीट में गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति घंटों तक अस्पताल में तड़पता रहा, जबकि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर नदारद पाए गए।
घटना का विवरण
मल्हनी गांव के निवासी सभाजीत यादव के अनुसार, यह विवाद एक पुराने जमीनी रंजिश के चलते शुरू हुआ। आरोप है कि घर में आयोजित एक वैवाहिक समारोह के बाद उपयोग किए गए डिस्पोजेबल पत्तल और गिलास विपक्षी पक्ष की जमीन पर गिर गए। इस मामूली बात ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें विपक्षी पक्ष ने लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया।
इस हमले में सभाजीत यादव और उनके परिवार के तीन अन्य सदस्य घायल हो गए। सभाजीत की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय अभाव
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को एम्बुलेंस की सहायता से तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करंजाकला पहुंचाया। हालांकि, चिकित्सा सहायता मिलने के बजाय मरीज को घंटों इंतजार करना पड़ा।
- दावा बनाम हकीकत: PHC करंजाकला में कागजों पर 24 घंटे एक एमबीबीएस (MBBS) डॉक्टर की उपलब्धता का दावा किया जाता है।
- अनुपस्थिति: प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों का आरोप है कि आपात स्थिति के बावजूद डॉक्टर केंद्र से नदारद थे।
- रेफरल: अंततः, वहां मौजूद फार्मासिस्ट ने मरीज की बिगड़ती हालत को देखते हुए उसे प्राथमिक उपचार के बिना ही जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
आधिकारिक प्रतिक्रिया
जब इस संबंध में चिकित्सा प्रभारी डॉ. संतोष जायसवाल से संपर्क किया गया, तो उन्होंने मामले से अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा:
”इस प्रकरण की जानकारी अभी मेरे संज्ञान में नहीं आई है। मामले की जांच की जाएगी।”
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की दयनीय स्थिति और आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है। वर्तमान में घायलों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है, और पुलिस मामले की वैधानिक जांच कर रही है।
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Author: fastblitz24


