कालिंदी पार्क में घुसे दो नकाबपोश शूटर
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5 सेकंड में दागीं 3 गोलियां;
जौनपुर (ब्यूरो)

जौनपुर के रहने वाले और लखनऊ के जमीनों के बड़े कारोबार में कदम रख चुके प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की राजधानी के पीजीआई थाना क्षेत्र में ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई। बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने महज 5 सेकंड के भीतर इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। सिर में गोली लगने से लहूलुहान हुए संदीप ने वेंटिलेटर पर दम तोड़ दिया।


संदीप सिंह मूल रूप से जनपद जौनपुर के टेकारी (धोइयां) निवासी सुरेंद्र सिंह के छोटे पुत्र थे। जैसे ही उनके पैतृक गांव और गृह जनपद में इस खौफनाक वारदात की खबर पहुंची, पूरे इलाके और उनके परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। सूत्रों के मुताबिक, संदीप को जौनपुर के पूर्व सांसद और बाहुबली राजनेता धनंजय सिंह का संरक्षण प्राप्त था। इस हत्याकांड को सीधे तौर पर भारी सियासी और कारोबारी रंजिश से जोड़कर देखा जा रहा है।
5 सेकंड का खौफनाक टाइमलाइन: कार से उतरते ही काल बनकर आए शूटर
प्रत्यक्षदर्शियों और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज के अनुसार, संदीप सिंह सुबह किसी काम से कालिंदी पार्क और कल्ली पश्चिम इलाके में पहुंचे थे।
- सुबह का वक्त: संदीप सिंह अपनी कार से नीचे उतरे और ऑफिस की तरफ बढ़ने लगे।
- घात लगाए हमलावर: पहले से ही रास्ते में बाइक सवार दो नकाबपोश शूटर उनका इंतजार कर रहे थे।
- ताबड़तोड़ फायरिंग: कार से उतरते ही शूटरों ने संदीप पर धावा बोल दिया। महज 5 सेकंड के भीतर बेहद करीब से 3 राउंड फायरिंग की गई।
- सिर में लगी गोली: एक गोली संदीप के सिर के पास लगी और वे वहीं जमीन पर गिर पड़े। वारदात के बाद हमलावर पिस्टल लहराते हुए बाइक से फरार हो गए।
ड्राइवर की सूझबूझ भी नहीं आई काम, KGMU में तोड़ा दम
गोलीबारी के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान संदीप के चालक ने गजब की हिम्मत और सूझबूझ दिखाई।
- चालक उन्हें तत्काल पास के एपेक्स ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचा।
- हालत नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रख दिया।
- स्थिति बिगड़ने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए केजीएमयू (KGMU) ट्रामा सेंटर रेफर किया गया, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बाद भी टेकारी के इस लाल की जान नहीं बचाई जा सकी।
हत्याकांड के पीछे 14 बीघे की वो जमीन ?
फ़ास्ट ब्लिट्ज 24=को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस दुस्साहसिक हत्या की पटकथा के पीछे करोड़ों का जमीन विवाद है।
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- 14 बीघा जमीन का खेल: संदीप सिंह ने लखनऊ के प्राइम लोकेशन पर करीब 14 बीघा जमीन खरीदी थी, जिस पर वे तेजी से प्लाटिंग कर रहे थे।
- व्यवसायिक प्रतिद्वंद्विता: इस जमीन के कारण स्थानीय और बाहरी भू-माफियाओं के व्यवसायिक हितों को बड़ा नुकसान हो रहा था।
- रास्ते से हटाने की साजिश: विपक्षियों ने संदीप के बढ़ते दबदबे को रोकने के लिए उन्हें रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची और शूटरों को सुपारी दे दी।
धनंजय का संरक्षण: चर्चा यह भी है कि जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह का वरदहस्त प्राप्त होने के कारण संदीप सिंह प्रॉपर्टी बाजार में तेजी से पैर पसार रहे थे, जो उनके विरोधियों को सीधे खटक रहा था।
परिवार में कोहराम, कातिलों की तलाश में पुलिस की 4 टीमें
सुरेंद्र सिंह के छोटे बेटे संदीप की मौत के बाद लखनऊ से लेकर जौनपुर के टेकारी (धोइयां) गांव तक हड़कंप मच गया है। मृतक अपने पीछे पत्नी प्रीति सिंह, बेटे सार्थक सिंह और बेटी सीबी सिंह को छोड़ गए हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
क्या कहती है पुलिस?
डीसीपी साउथ अमित कुमार आनंद ने बताया कि घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए हैं। हमलावरों की शिनाख्त और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 4 अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस फिलहाल प्रॉपर्टी विवाद, पुरानी रंजिश और जौनपुर से जुड़े कड़ियों को खंगाल रही है।
Author: fastblitz24


