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कजगांव नगर पंचायत में ‘घोटाले’ पर पर्दा डालने का खेल: सड़े हुए RO वाटर प्लांट को बैनर से ढका, वीडियो वायरल होने पर मचा हड़कंप!

डाल-डाल शासन तो पात-पात अध्यक्ष

भ्रष्टाचार छिपाने के लिए अधिकारियों ने भिड़ाया गजब का जुगाड़

जनता में भारी आक्रोश

 

जौनपुर। zero tolerance का दम भरने वाली सरकार के दावों को ठेंगा दिखाते हुए जौनपुर के इस नवनिर्मित स्थानीय निकाय जो अपने जन्म के साथ हीविवादों  मैं गिर रहा अब वहां उस नगर पंचायत कजगांव से भ्रष्टाचार की एक ऐसी ‘तस्वीर’ सामने आई है, जिसे देखकर आप भी माथा पीट लेंगे। नगर पंचायत में जनता को साफ पानी पिलाने के नाम पर लाखों के RO वाटर प्लांट लगाए गए थे, जो देखरेख के अभाव में महज दो साल के भीतर ही पूरी तरह सड़कर कबाड़ हो चुके हैं। अब इस कबाड़ और महाघोटाले को जनता की नजरों से छिपाने के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी (EO) ने ऐसा ‘शर्मनाक जुगाड़’ निकाला, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हड़कंप मच गया है।

लोहे की सड़ी चादरों पर चमचमाता बैनर, ये विकास है या विनाश?

​वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह भ्रष्टाचार को छुपाने की बकायदा ‘कोशिश’ की जा रही है। जो RO प्लांट बाहर से पूरी तरह गल चुके हैं, उनके ऊपर नगर पंचायत अध्यक्ष महोदय के सौजन्य से बड़े-बड़े बैनर मढ़वाए जा रहे हैं। मकसद सिर्फ एक— बाहर से सब चकाचक दिखे, भले ही अंदर भ्रष्टाचार की दीमक पूरे सिस्टम को चाट चुकी हो। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जनता के पैसों की खुली डकैती है और अपनी कमियों को छिपाने के लिए अधिकारी इस हद तक गिर चुके हैं।

सभासदों ने खोली पोल: “दो साल पहले ही हो चुका था बड़ा घोटाला”

​इस पूरे मामले पर नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने ही अपनी ही परिषद को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

    • सभासद पति सूरज कन्नौजिया ने मीडिया के सामने आकर तीखे शब्दों में कहा: ​”यह RO वाटर प्लांट लगभग दो वर्ष पूर्व लगवाया गया था। इसके टेंडर और निर्माण में पहले ही दिन से भारी पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया था। घटिया मैटेरियल के कारण आज यह सड़ चुका है और अब इस पाप को छुपाने के लिए अध्यक्ष महोदय इस पर बैनर लगवा रहे हैं ताकि राह चलते लोगों को लगे कि RO बिल्कुल ठीक है।”

​”यह RO वाटर प्लांट लगभग दो वर्ष पूर्व लगवाया गया था। इसके टेंडर और निर्माण में पहले ही दिन से भारी पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया था। घटिया मैटेरियल के कारण आज यह सड़ चुका है और अब इस पाप को छुपाने के लिए अध्यक्ष महोदय इस पर बैनर लगवा रहे हैं ताकि राह चलते लोगों को लगे कि RO बिल्कुल ठीक है।”

 

      • सभासद अरविंद प्रजापति ने भी तीखा हमला बोलते हुए कहा: ​”इस नगर पंचायत में भ्रष्टाचार के सिवा और कुछ भी नहीं बचा है। तानाशाही का आलम यह है कि शिकायत करने के बाद भी कोई सुनने वाला नहीं है। अधिकारी और अध्यक्ष मिलकर अपनी जेबें भर रहे हैं।”

​”इस नगर पंचायत में भ्रष्टाचार के सिवा और कुछ भी नहीं बचा है। तानाशाही का आलम यह है कि शिकायत करने के बाद भी कोई सुनने वाला नहीं है। अधिकारी और अध्यक्ष मिलकर अपनी जेबें भर रहे हैं।”

 

अध्यक्ष और EO की मनमानी से जनता त्रस्त

​कजगांव के आक्रोशित नगरवासियों का आरोप है कि नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी खुलेआम मनमानी पर उतारू हैं। सरकार एक तरफ भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने की बात करती है, तो वहीं कजगांव नगर पंचायत में भ्रष्टाचार को ही ‘बैनर’ लगाकर प्रमोट किया जा रहा है। कजगांव जनपद का एक ऐसा नगर पंचायत बन चुका है जो विकास कार्यों के लिए कम और अपने काले कारनामों के लिए ज्यादा चर्चा में रहता है। अब देखना यह है कि इस वीडियो के वायरल होने और जनता के भारी आक्रोश के बाद जिला प्रशासन इन ‘जुगाड़ू’ और भ्रष्ट अधिकारियों पर क्या कार्रवाई करता है, या फिर इस फाइल पर भी कोई ‘बैनर’ डाल दिया जाएगा?

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Author: fastblitz24

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