Fastblitz 24

गौसेवकों को उम्रकैद के खिलाफ राष्ट्रवीर सेना मुखर, राष्ट्रपति से क्षमादान की मांग

जौनपुर में जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन, नर्मदापुरम की अदालत के फैसले को चुनौती देने की चेतावनी

जौनपुर:

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम (सिवनी मालवा) में 14 गौसेवकों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के विरोध में उत्तर प्रदेश के जौनपुर में आक्रोश भड़क गया है। शुक्रवार को ‘राष्ट्रवीर सेना’ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। संगठन ने नायब तहसीलदार सदर को महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की।

​साक्ष्यों के अभाव में सजा का आरोप, अनुच्छेद 72 के तहत गुहार

​राष्ट्रवीर सेना के अध्यक्ष महेश कुमार के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने निचली अदालत के फैसले पर गंभीर सवाल उठाए। संगठन का दावा है कि सिवनी मालवा की अदालत ने गत 13 जून को नजीर अहमद मामले में दीपक केवट, अजय राठौर, कन्हैया, गौरव समेत 14 लोगों को पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में उम्रकैद की कठोर सजा सुनाई है।

​सौंपे गए ज्ञापन में राष्ट्रपति से संविधान के अनुच्छेद 72 (Article 72) के तहत अपनी विशेष क्षमादान शक्ति का प्रयोग करते हुए सभी 14 दोषियों की सजा को तत्काल माफ करने का अनुरोध किया गया है।

​”गौ रक्षा सनातन धर्म का अभिन्न अंग है। अदालत के इस तरह के फैसलों से गौसेवकों में भय का माहौल बनेगा और भविष्य में कोई भी गौ-तस्करी या गौ-हत्या रोकने का साहस नहीं कर पाएगा।”

महेश कुमार, अध्यक्ष, राष्ट्रवीर सेना

 

​क्या है मामला ? (The Background)

​यह पूरा विवाद मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा क्षेत्र से जुड़ा है। वहां की एक स्थानीय अदालत ने एक पुराने विवाद (नजीर अहमद मामले) में सुनवाई करते हुए 13 जून 2026 को अपना फैसला सुनाया था। अदालत ने इस मामले में शामिल दीपक केवट, अजय राठौर, कन्हैया और गौरव सहित कुल 14 लोगों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा मुकर्रर की थी। राष्ट्रवीर सेना इसी अदालती फैसले को आधारहीन और सनातन संस्कृति की रक्षा करने वालों का मनोबल तोड़ने वाला बता रही है।

​न्याय न मिलने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

​जौनपुर में जुटे प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि यदि इन गौसेवकों को जल्द न्याय नहीं मिला, तो संगठन चुप नहीं बैठेगा और इसके खिलाफ पूरे उत्तर प्रदेश में एक व्यापक आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

​इस प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के उपाध्यक्ष आलोक सेठ, मंत्री नीरज सेठ, कोषाध्यक्ष मंगल सेठ, सियाराम गुप्ता, दीपक सेठ, सुरेन्द्र जी, चन्दन सोनी, एडवोकेट उग्रसेन यादव और प्रीतम वर्मा सहित भारी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

fastblitz24
Author: fastblitz24

Spread the love

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज