पानी की धार, बंद दरवाजा और खामोश मौत; क्या होटल के भीतर कोई साजिश रची गई?
जौनपुर। शहर के बीचों-बीच स्थित ‘प्रसाद होटल’ की दीवारों के पीछे एक ऐसा खौफनाक राज दफन हो गया है, जिसने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। होटल के कमरा नंबर 109 में एक बिजली मिस्त्री की लाश मिलने से सनसनी फैल गई है। सवाल यह है कि आखिर हंसता-खेलता युवक कमरे में गया और बाहर कभी क्यों नहीं आया? क्या यह महज एक हादसा है या फिर किसी ने बहुत शातिराना ढंग से इसे अंजाम दिया है?


बुधवार को चेक-इन, गुरुवार को लाश: होटल प्रबंधन की भूमिका सवालों के घेरे में
वाराणसी के हरहुआ निवासी दिनेश कुमार (बिजली मिस्त्री) बुधवार दोपहर 2 बजे अपना काम निपटाने के लिए इस होटल में दाखिल हुआ था। लेकिन उसके बाद वह कमरा नंबर 109 का दरवाजा बंद कर हमेशा के लिए दुनिया से रुखसत हो गया। हैरानी की बात यह है कि गुरुवार सुबह जब होटल का दरवाजा अंदर से बंद नहीं था और कमरे के भीतर पानी के बहने की आवाज गूंज रही थी, तो क्या होटल के कर्मचारियों ने अनहोनी की आहट पहले नहीं सुनी?


दवाइयां और ऑपरेशन का हवाला, क्या केस को उलझाने की कोशिश?
मौके पर पहुंची पुलिस और चौकी प्रभारी राहुल रंजन ने मृतक के पास से कुछ दवाइयां बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार युवक का हाल ही में कोई ऑपरेशन हुआ था। लेकिन, पुलिस का यह ‘दवाइयों वाला तर्क’ क्या असली कातिलों को बचाने का एक बहाना है? पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पहले पुलिस का यह बयान किसी बड़े सवाल की तरफ इशारा कर रहा है—आखिर युवक की मौत का असली सच क्या है?

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी नजरें
फिलहाल, फॉरेंसिक टीम साक्ष्य जुटाने में लगी है और पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। अब सबकी निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं। क्या यह मौत प्राकृतिक थी, या फिर प्रसाद होटल की चारदीवारी के अंदर किसी ने उसे मौत की नींद सुला दिया? जौनपुर की पुलिस जांच के नाम पर खानापूर्ति करेगी या फिर इस रहस्यमयी मौत की परतें खोलकर गुनहगारों को बेनकाब करेगी, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है और होटल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है।
Author: fastblitz24



