मुहर्रम में गूंजी या हुसैन की सदाएं,अखाड़ों के उस्तादों ने दिखाए करतब

जौनपुर।

इस्लाम जिंदा होता है हर कर्बला के बाद जैसे नाते शरीफ के साथ मोहर्रम की दसवीं पर रविवार को ग्रामीण इलाकों में कदीमी रास्तों पर जुलूस निकाला गया। अकीदतमंदों ने कर्बला में ताजिया दफ़नाने के साथ ही फूलों को भी सुपुर्द ख़ाक किया।


पैगंबर इस्लाम के नवासे हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के 72 साथियों की शहादत की याद में शान -ओ- शौकत के साथ सिद्दीकपुर से मोहर्रम का जुलूस निकला।
इस अवसर पर नसीम हाशमी, शोहराब शाह, इस्लाम, दारा सिंह चौहान, मधुकर, गुड्डू यादव, तमाम हिन्दू व मुसलमान भाई चारे के साथ मुहर्रम का ताजिया दफन के समय मौजूद रहे।
Author: fastblitz24


