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दुधवा में दुनिया की सबसे छोटी बिल्ली दिखी

रस्टी स्पॉटेड कैट संरक्षित प्रजाति है जो दुर्लभ है

दुधवा और पीलीभीत टाइगर रिजर्व के अलावा फरीदाबाद के अरावली वन क्षेत्र में एक दशक बाद दुर्लभ प्रजाति की दुनिया की सबसे छोटी बिल्ली ‘रस्टी स्पॉटेड कैट’ को देखा गया है।

यहां अब तक छह प्रजातियां पाई गईं

जानकारों का कहना है कि दुनिया में छोटी-बड़ी बिल्लियों की 37 प्रजातियां हैं, जबकि भारत के जंगलों में इनकी 15 प्रजातियां पाई जाती हैं। दुधवा में ही बिल्लियों की छह प्रजातियां हैं। रस्टी स्पॉटेड कैट देखे जाने के बाद यहां छह प्रजातियों की पुष्टि हो गई है।

दुधवा टाइगर रिजर्व बाघों ही नहीं, दुनिया की सबसे छोटी बिल्ली का भी ठिकाना बन रहा है। इस बिल्ली की यहां कुनबे सहित मौजूदगी की पुष्टि हुई है। दुधवा के अलावा पीलीभीत टाइगर रिजर्व में भी एक दशक बाद इस प्रजाति को देखा गया है। दुधवा और पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बिल्ली की कई ऐसी प्रजातियां हैं, जो दुर्लभ श्रेणी में आती हैं। दुधवा में छोटे बिलाव की प्रजातियों के ठिकानों की खोज चल रही है। खोजी टीम ने दुधवा में इस खास प्रजाति की बिल्ली को देखा। यह बिल्ली आकार में बहुत छोटी है, यह दुधवा कोर जोन में अपने बच्चों के साथ मौजूद थी

शर्मीली और बड़ी आंखें इसकी खासियत

दुधवा के उप निदेशक डॉ. रंगाराजू टी ने बताया कि यह बिल्ली बांस के जंगलों, घास के मैदानों, चट्टानी पहाड़ियों में रहती है। यह बहुत शर्मीली होने के साथ खूबसूरत होती है। यह रात को शिकार के लिए निकलती है। सामान्य बिल्लियों की तरह चूहे, चिड़िया, मेढक, कीट-पतंगे आदि इसका भोजन हैं। इसका जीवनकाल आठ से दस साल तक है। 35 से 48 सेंटीमीटर लंबी इस बिल्ली का वजन एक से डेढ़ किलो तक होता है, लेकिन पूंछ 15 से 30 सेंटीमीटर तक होती है।

 

दुधवा टाइगर रिजर्व के उप निदेशक डॉ. रंगाराजू टी ने बताया कि यह बिल्ली ‘रस्टी स्पॉटेड कैट’ है। इस प्रजाति को वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट में अनुसूची-1 के तहत संरक्षित किया गया है।

वहीं, अरावली क्षेत्र में आखिरी बार 2021 में रेवाड़ी जिले में इसे देखा गया था। राजस्थान के सरिस्का अभयारण्य और अलवर जिले में भी कई बार इसे देखा गया है। सुरक्षित वातावरण के चलते जीव अरावली में अपना आवास बना रहे हैं। इसे पालतू नहीं बनाया जा सकता है।

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Author: fastblitz24

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