बक्शा के सुल्तानपुर गांव में तनाव; महिला ने डीएम से लगाई गुहार, कहा- 112 ने नहीं की सुनवाई, अब अनहोनी का डर
- मामला: बक्शा थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव का।
- विवाद: आराजी संख्या 22घ रकबा 0.649 हेक्टेयर की सहखातेदार भूमि पर कब्जा।
- आरोप: सहखातेदार ने बिना वैधानिक बंटवारे के शुरू किया निर्माण, विरोध पर दी जान से मारने की धमकी।
जौनपुर। बक्शा थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव में जमीन के टुकड़े को लेकर दो पक्षों में भारी तनाव व्याप्त है। स्थिति इस कदर बिगड़ चुकी है कि यहां कभी भी बड़ी शांति-व्यवस्था भंग हो सकती है। गांव की निवासी पीड़ित महिला सीता देवी ने जिलाधिकारी (डीएम) को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। महिला का आरोप है कि उनके सहखातेदार बिना किसी कानूनी बंटवारे के विवादित भूमि पर जबरन बाउंड्रीवाल का निर्माण करा रहे हैं और विरोध करने पर खूनी संघर्ष पर उतारू हैं।

बेटे को नींव में गिराकर मिट्टी डालने का सनसनीखेज आरोप
डीएम को सौंपे गए शिकायती पत्र में सीता देवी पत्नी रामप्रवेश यादव ने एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि जब बाउंड्रीवाल के लिए नींव की खुदाई चल रही थी, तो उनका बेटा निर्माण कार्य का विरोध करने मौके पर पहुंचा था।


”दबंगों ने मेरे बेटे को जबरन खोदी गई नींव में ढकेल दिया और उसके ऊपर मिट्टी डालकर उसे जिंदा दफनाने का प्रयास किया। वह किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागा, वरना बड़ी अनहोनी हो जाती।”
– सीता देवी, पीड़िता
यह है पूरा जमीनी विवाद
पीड़ित महिला के अनुसार, वह मौजा सुल्तानपुर (परगना रारी, थाना बक्शा) स्थित आराजी संख्या 22घ (रकबा 0.649 हेक्टेयर) की सहखातेदार भूमिधर हैं। इस जमीन पर उनका बकायदा हिस्सा और कब्जा है।
आरोप है कि इसी भूमि की दूसरी सहखातेदार राजकुमारी पत्नी अमरजीत और उनके पति अमरजीत कानून को ताक पर रखकर, बिना किसी वैधानिक बंटवारे के जमीन पर अपना दावा ठोक रहे हैं। इसी दावे के तहत वे जबरन बाउंड्रीवाल का निर्माण करा रहे हैं। जब प्रार्थिनी और उनके परिवार ने इसका विरोध किया, तो आरोपित पक्ष ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
डायल-112 पर नहीं मिली मदद, अब प्रशासन से आस
पीड़िता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि घटना के वक्त तत्काल डायल-112 को सूचना देकर मदद मांगी गई थी, लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिससे विपक्षी दल के हौसले और बुलंद हो गए।
थक-हारकर पीड़िता ने जिलाधिकारी के दरबार में हाजिरी लगाई है। उन्होंने डीएम से मांग की है कि:
- किसी सक्षम अधिकारी को तुरंत मौके पर भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- विवादित भूमि पर चल रहे अवैध निर्माण कार्य को तत्काल रुकवाया जाए।
- शांति व्यवस्था भंग करने और जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपित पक्ष के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
फिलहाल, इस सनसनीखेज मामले में जिलाधिकारी की ओर से प्रशासनिक जांच और कड़ी कार्रवाई का इंतजार है। गांव में एहतियातन नजर रखी जा रही है।
Author: fastblitz24



