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भविष्य की तकनीक: अब ड्रोन से दुश्मनों और खेतों पर नजर रखेंगे जांबाज एनसीसी कैडेट्स

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में 98 यूपी बटालियन का कैंप शुरू, ग्रुप मुख्यालय के ट्रेनिंग ऑफिसर ने परखीं व्यवस्थाएं, भोजन और अनुशासन की सराहना

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के इनडोर स्टेडियम परिसर में 98 यूपी बटालियन एनसीसी के संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (सीएटीसी) का शानदार आगाज हुआ है। इस कैंप में देश के भविष्य यानी हमारे एनसीसी कैडेट्स को आधुनिक युग की सबसे मारक और उपयोगी तकनीक ‘ड्रोन’ का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही युवाओं को हथियारों को संभालने और अचूक फायरिंग करने के गुर भी सिखाए जा रहे हैं।

युद्ध से लेकर कृषि तक… हर मोर्चे पर काम आएगा ड्रोन

​कैंप कमांडेंट कर्नल आलोक डी. सिंह ने कैडेटों को संबोधित करते हुए ड्रोन की बहुआयामी उपयोगिता और भविष्य में इसके बढ़ते महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आने वाला समय पूरी तरह तकनीक का है। ड्रोन सिर्फ एक गैजेट नहीं, बल्कि आने वाले वक्त की जरूरत है। युद्ध का मैदान हो, आधुनिक खेती (कृषि क्षेत्र) हो, कोई बड़ा सार्वजनिक समारोह हो या फिर समाज के अराजक तत्वों की गतिविधियों पर तीसरी आंख से पैनी नजर रखनी हो—ड्रोन हर जगह सबसे बड़ा हथियार साबित होने वाला है।

चुनौतियों से टकराने का जज्बा: ट्रेनिंग ऑफिसर ने लिया जायजा

​शिविर के दौरान वाराणसी ग्रुप मुख्यालय ‘बी’ के ट्रेनिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल हर्षित छाबड़ा ने विशेष रूप से कैंप का दौरा किया। उन्होंने कैडेट्स को बिंदुवार सैन्य बारीकियों से अवगत कराया।

  • ऑब्स्टेकल ट्रेनिंग: कैडेट्स को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कठिन बाधाओं को पार करने का अभ्यास कराया गया।
  • फायरिंग गतिविधियां: आपातकालीन स्थिति में हथियार चलाने और सटीक निशाना लगाने की ट्रेनिंग दी गई।
  • संकट प्रबंधन: ट्रेनिंग ऑफिसर ने कैडेट्स में यह जोश भरा कि वे किसी भी समय, किसी भी विपरीत परिस्थिति का सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहें।

भोजन की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं को सराहा

​सैन्य अनुशासन के साथ-साथ कैंप में कैडेट्स के खान-पान और ठहरने की व्यवस्थाओं पर भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है। लेफ्टिनेंट कर्नल छाबड़ा ने राशन स्टोर और कुक हाउस का गहन निरीक्षण किया, जहां वरिष्ठ क्वार्टर मास्टर सूबेदार बलबीर सिंह ने राशन आपूर्ति और भंडारण की बारीकियों की जानकारी दी। ट्रेनिंग ऑफिसर ने तैयार हो रहे भोजन की शुद्धता और कैडेट्स के रहने के उच्च प्रबंधों को देखकर पूरी टीम की पीठ थपथपाई।

स्वास्थ्य के प्रति सजगता और सद्भाव का संदेश

​शिविर में उप-कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल नागेंद्र सिंह राठौड़ ने कैडेटों को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के मंत्र दिए। इस दौरान जनपद की विशेष मेडिकल टीम और कैंप के बीएफएनए हवलदार सर्वजीत सिंह ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान किया। कैंप का सबसे खूबसूरत नजारा तब देखने को मिला जब आए हुए एनसीसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने कैडेट्स के साथ एक ही पंगत में बैठकर भोजन किया और उन्हें आपसी सद्भाव, समानता और भाईचारे का अनूठा पाठ पढ़ाया।

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Author: fastblitz24

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