भागवत कथा के संकल्प मात्र से हो जाता है जीवन का उद्धार, कलयुग में कष्टों से मुक्ति का सबसे सरल मार्ग: व्यास पंडित अनिकेश शुक्ल
नौपेड़वा (जौनपुर)। बक्शा विकास खंड के उमरक्षा गांव स्थित ऐतिहासिक मृत्युंजय महादेव धाम पर सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ महोत्सव का सोमवार को अत्यंत भव्य और भक्तिमय माहौल में शुभारंभ हुआ। महोत्सव के प्रथम दिन धाम से गाजे-बाजे और पारंपरिक व्यवस्था के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें उमड़े जनसैलाब और मातृशक्ति के उत्साह ने पूरे क्षेत्र को अध्यात्म के रंग में सराबोर कर दिया।

सई नदी के पावन तट से 101 महिलाओं ने भरा कलश
यज्ञ स्थल से शुरू हुई यह मंगल कलश यात्रा पूरे गांव का भ्रमण करते हुए और हनुमान मंदिर से होते हुए पावन सई नदी के तट पर पहुँची। यहाँ विद्वान ब्राह्मणों के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मुख्य यजमान सहित कुल 101 महिलाओं और युवतियों ने नदी से कलश में पवित्र जल भरा। कलश को सिर पर धारण कर जब महिलाएं वापस यज्ञ स्थल की ओर रवाना हुईं, तो उनके जयकारों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा। यात्रा में गाजे-बाजे की धुन पर थिरकते युवक और मंगल गीत गाती महिलाएं आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।


वेदी निर्माण के बाद शुरू हुआ कथा का अमृत प्रवाह
यज्ञाचार्य व प्रख्यात कथा व्यास पंडित अनिकेश शुक्ल महाराज ने बताया कि कलश यात्रा के यज्ञ स्थल पर पहुँचने के बाद विद्वान ब्राह्मणों की टीम द्वारा विधि-विधान से वेदी निर्माण, कलश स्थापन, पूजन और कथा महात्म्य का आयोजन संपन्न किया गया।
शाम के सत्र में मुख्य कथा का रसपान कराते हुए व्यास महाराज ने कुंती चरित्र, राजा परीक्षित श्राप और कपिल-देवहूति संवाद का अत्यंत मर्मस्पर्शी वर्णन किया।
“श्रीमद्भागवत महापुराण कोई सामान्य ग्रंथ नहीं, बल्कि साक्षात श्रीहरि का वांग्मय स्वरूप है। कलयुग में केवल सच्चे मन से कथा श्रवण का संकल्प मात्र कर लेने से जीव का उद्धार हो जाता है। यदि घोर पापी भी सात दिन पवित्र भाव से बैठकर इस कथा का रसपान कर ले, तो उसे जनम-मरण के फेर और सभी कष्टों से मुक्ति मिल जाती है।” > — पंडित अनिकेश शुक्ल महाराज, कथा व्यास
आरती के बाद बंटा प्रसाद, मुख्य यजमान सहित जुटे दिग्गज
कथा के प्रथम दिन की पूर्णाहुति के बाद भव्य महाआरती उतारी गई और उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
इस धार्मिक अनुष्ठान के मुख्य यजमान और आयोजक भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुशील कुमार उपाध्याय एवं पद्मावती उपाध्याय रहे। इसके साथ ही सतीश उपाध्याय, नीलम उपाध्याय, शासकीय अधिवक्ता संतोष कुमार उपाध्याय और स्नेहलता उपाध्याय ने भी मुख्य भूमिका निभाई।
समारोह में शहर के प्रबुद्धजन और भक्तों की भारी भीड़
इस पावन अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति, पंकज मिश्र, पीयूष गुप्ता, अरुण उपाध्याय, ओमप्रकाश सिंह, कपिलमुनि मिश्र, रमाशंकर उपाध्याय, रामसागर शुक्ल, लालजी शुक्ल, लालप्रताप सिंह, नरेंद्र सिंह, सदानंद शुक्ल, कैलाश शुक्ल, हीरामणि उपाध्याय, जयशंकर पाल, संतोष शुक्ल ‘ढोलन’, विकास, अभिषेक और धाम के पुजारी आदर्श मिश्र व अरविंद सहित क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
Author: fastblitz24




