देवशयनी एकादशी पर शिवम् इंग्लिश स्कूल में गीता चेतना अभियान का 33वां विश्राम; विद्यार्थियों को मिले जीवन प्रबंधन के सूत्र
वाराणसी | देवशयनी एकादशी के पावन अवसर पर कर्मयोगी पीठ के पवित्र संकल्प के अंतर्गत संचालित ‘गीता चेतना अभियान’ का 33वां विश्राम शनिवार को रमदत्तपुर स्थित शिवम् इंग्लिश स्कूल के संस्कृति सभागार में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस विशेष आयोजन में विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए श्रीमद्भगवद्गीता के जीवनोपयोगी संदेशों को आत्मसात किया।
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ विद्यालय के आचार्य सुशील चंद्र श्रीवास्तव द्वारा अतिथियों के आत्मीय स्वागत के साथ हुआ।सच्ची शिक्षा करियर नहीं, जीवन का निर्माण करती है: कर्मयोगी गौरव मिश्र
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता कर्मयोगी गौरव मिश्र ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा: “आज की शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक प्राप्त करना या रोजगार पाना नहीं, बल्कि एक अच्छा नागरिक, संवेदनशील इंसान और जिम्मेदार व्यक्तित्व तैयार करना होना चाहिए। विद्यालय केवल करियर बनाने का केंद्र नहीं, बल्कि जीवन निर्माण की प्रयोगशाला है।”
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए आगे कहा कि रिपोर्ट कार्ड के अंक आपको केवल अगली कक्षा तक पहुंचाते हैं, लेकिन आपके संस्कार, अनुशासन, सत्यनिष्ठा और व्यवहार आपको जीवन की वास्तविक ऊंचाइयों तक ले जाते हैं। उन्होंने छात्रों से प्रतिदिन स्वाध्याय, माता-पिता व गुरुजनों के सम्मान तथा श्रीमद्भगवद्गीता के अध्ययन के लिए समय निकालने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि गीता आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, नेतृत्व क्षमता और कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की प्रेरणा देती है।
सांस्कृतिक मूल्यों का विकास ही शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य: राजेश मिश्र
शिवम् इंग्लिश स्कूल के निदेशक राजेश मिश्र ने कहा कि शिक्षा का असली मकसद विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा, नैतिकता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का संवर्धन करना है। उन्होंने ‘गीता चेतना अभियान’ की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने और जीवन जीने की सही दिशा दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मेधावी छात्र सम्मानित, गीता प्रतियों का हुआ वितरण
कार्यक्रम के दौरान आयोजित गीता प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्रों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। सम्मानित विद्यार्थी: सागर राजभर, जयेश दुबे, अलख यादव, हर्षिता शुक्ला, वैष्णवी राय एवं विराट श्रीवास्तव। इस अवसर पर विद्यार्थियों के बीच श्रीमद्भगवद्गीता की प्रतियों का वितरण भी किया गया और उन्हें इसके नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित किया गया।
गणमान्य जनों की गरिमामयी उपस्थिति
इस प्रेरणदायी आयोजन में अमन चौबे, अजय गुप्ता, विनय पांडेय, रूबी श्रीवास्तव, अजय प्रजापति सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। उपस्थित सभी प्रबुद्धजनों ने इस अभियान को नई पीढ़ी में नैतिक मूल्यों, आत्मविश्वास और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान जगाने वाला एक अनुकरणीय प्रयास बताया। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों द्वारा गीता के पावन संदेशों को अपने दैनिक जीवन में उतारने तथा एक आदर्श, अनुशासित व जिम्मेदार नागरिक बनने के संकल्प के साथ हुआ।




