बुखार का मरीज या सर्पदंश? परिजनों का दावा- गलत इलाज ने ली 3 साल के बच्चे की जान; पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा
जौनपुर (शाहगंज):
शाहगंज: जौनपुर के शाहगंज स्थित गैलेक्सी अस्पताल में रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया और स्थिति बेकाबू हो गई, जब एक तीन वर्षीय मासूम बच्चे की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का संगीन आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। अपनों के खोने के गम में बिलखते परिजनों ने बच्चे का शव अस्पताल के मुख्य द्वार पर रखकर जोरदार विरोध जताया और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
बुखार या सांप का काटना? इलाज के तरीके पर उठे गंभीर सवाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अंबेडकर नगर निवासी परिवार अपने तीन वर्षीय मासूम को स्वास्थ्य बिगड़ने पर गैलेक्सी अस्पताल लेकर पहुंचा था। परिजनों का सीधा और आक्रामक आरोप है कि बच्चे को केवल तेज बुखार था, लेकिन अस्पताल के डॉक्टरों ने बिना सही स्थिति समझे उसका इलाज सर्पदंश (सांप काटने) के मरीज की तरह शुरू कर दिया। परिजनों का कहना है कि इसी गलत और बेपरवाह इलाज के कारण मासूम की स्थिति बिगड़ती गई और अंततः उसने दम तोड़ दिया।
अस्पताल प्रबंधन की सफाई: “हालत थी गंभीर, किया गया रेफर”
दूसरी ओर, आरोपों के घेरे में आए गैलेक्सी अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एस.एल. गुप्ता ने परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि परिजन बच्चे को सांप काटने की आशंका के साथ लाए थे, जिसके बाद तत्काल इलाज शुरू किया गया। डॉक्टर के मुताबिक बच्चे की हालत बेहद गंभीर थी, इसलिए प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर सेंटर के लिए रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हुई।
मौके पर पहुंची पुलिस, जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
मासूम की मौत के बाद अस्पताल के बाहर बढ़ते तनाव और हंगामे की सूचना मिलते ही शाहगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस बल ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर बमुश्किल स्थिति को नियंत्रित किया और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस प्रशासन का कहना है:
“शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। परिजनों की तहरीर और रिपोर्ट के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि इलाज में लापरवाही की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”




