श्रावण के पहले सोमवार पर मड़ियाहूं से मिर्जापुर मार्ग पर दौड़े सचल सेवा वाहन; उमस और गर्मी से बेहाल कांवड़ियों को बांटी दवाएं, पानी और बिस्कुट
मड़ियाहूं (जौनपुर):
मड़ियाहूं: श्रावण मास के प्रथम सोमवार के पावन अवसर पर शिवभक्तों और कांवड़ियों की सेवा के लिए ‘बेचन राम बनमाली लाल चैरिटेबल ट्रस्ट’ मेंजा (मड़ियाहूं) की ओर से अभूतपूर्व सेवा कार्य किया गया। पिछले 14 वर्षों से अनवरत चली आ रही अपनी सेवा परंपरा को कायम रखते हुए ट्रस्ट ने इस वर्ष भी मड़ियाहूं से मिर्जापुर तक के मार्ग पर तीन समर्पित सचल (मोबाइल) वाहनों के माध्यम से कांवड़ियों को निःशुल्क चिकित्सा और राहगीरी सेवाएं उपलब्ध कराईं।
उमस में छालों से बेहाल पैरों पर मरहम, बांटे गए पानी व बिस्कुट
भीषण उमस और गर्मी के बीच लंबी पैदल यात्रा तय कर रहे कांवड़ियों के पैरों में छाले पड़ गए थे। ऐसे में ट्रस्ट की समर्पित टीम ने मौके पर ही कांवड़ियों के पैरों में पेन रिलीवर स्प्रे से मालिश की, दर्द निवारक दवाएं दीं और छालों पर पट्टियां बांधीं। इसके साथ ही, निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) से बचाने के लिए शीतल जल और बिस्कुट का वितरण किया गया। राहत मिलते ही शिवभक्तों ने ट्रस्ट के सदस्यों को सहर्ष ढेरों आशीर्वाद दिए।
पूरे श्रावण मास जारी रहेगी सेवा: पूर्व प्रधान राजपत्ती पटेल
ट्रस्ट की अध्यक्षा एवं मेंजा ग्राम की पूर्व प्रधान श्रीमती राजपत्ती पटेल ने बताया कि यह सचल चिकित्सा और राहत सेवा श्रावण मास के प्रत्येक रविवार और सोमवार को लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि कांवड़ियों और शिवभक्तों की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और ट्रस्ट इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
वरिष्ठ पदाधिकारियों के कुशल निर्देशन में हुआ राहत कार्य
इस विशाल सेवा अभियान का कुशल संचालन और निर्देशन राज्य कर्मचारी महासंघ (भदोही) के जिलाध्यक्ष शरद कुमार तथा अधीनस्थ कृषि सेवा संघ (जौनपुर) के जिला मंत्री सकल नारायण पटेल के संयुक्त नेतृत्व में किया गया। दोनों पदाधिकारियों ने पूरी टीम को आवश्यकतानुसार दवाएं, स्प्रे, पानी और खाद्य सामग्री निरंतर उपलब्ध कराई।
सेवा दल में ये सदस्य रहे मुस्तैद
सचल टीम में मुख्य रूप से इंजीनियर राजेश कुमार, चंद्रेश कुमार, कमलेश कुमार, रितिक, बंटी, अजय, विनोद, अनुराग, अमन, आकाश, मनीष, रवि, मनोज, गुलाब, चंदन, सोहन, हीरालाल, गोलू, मन्नू और डब्ल्यू सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह और सेवा भाव के साथ अपना योगदान दिया।




