जौनपुर: समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार पर पिछड़े, दलित, शोषित और वंचित समाज के बच्चों को शिक्षा से दूर करने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर, समाजवादी मजदूर सभा और समाजवादी महिला सभा के संयुक्त तत्वावधान में आज जिला मुख्यालय कलेक्ट्रेट पर सरकारी प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने के विरोध में जोरदार धरना प्रदर्शन किया गया। जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से महामहिम राज्यपाल महोदया को एक ज्ञापन भी सौंपा गया।

धरने को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव आरिफ हबीब ने कहा कि भाजपा सरकार जानबूझकर पिछड़े, दलित, शोषित और वंचित समाज के बच्चों को शिक्षा से वंचित करना चाहती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार पिछड़े और दलित समाज के आरक्षण को भी समाप्त करने की फिराक में है। समाजवादी मजदूर सभा के राष्ट्रीय महासचिव अमित यादव ने योगी सरकार के ‘तानाशाही’ रवैये की निंदा करते हुए कहा कि इसके चलते किसानों और मजदूरों के बच्चे शिक्षा से वंचित हो जाएंगे। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि “जब से भाजपा सरकार में आई है, तब से पढ़ाई बंद कराई है।” अमित यादव ने सुझाव दिया कि यदि यूपी सरकार के पास सरकारी विद्यालयों को संचालित करने के लिए पर्याप्त बजट नहीं है, तो वह आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की सुरक्षा में 50 फीसदी की कटौती करके इस बजट की पूर्ति कर सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की प्राथमिकता पाठशाला होनी चाहिए, न कि मधुशाला।
समाजवादी महिला सभा की जिलाध्यक्ष शर्मीला रमेश यादव ने अपने संबोधन में सरकारी विद्यालयों के बंद होने से हजारों रसोइयों के रोजगार छिन जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे फैसलों से पिछड़े और दलित समाज के हक और अधिकार छीने जा रहे हैं। समाजवादी पार्टी सरकार के इस ‘जनविरोधी’ फैसले का पुरजोर विरोध करती है।


इस अवसर पर धरना और ज्ञापन देने वालों में आनंद पांडे, उषा जायसवाल, अमरेंद्र यादव, साहब लाल गौतम, मनोज शर्मा, मालती निषाद, ऋषि यादव, आर बी यादव, तारा त्रिपाठी, सीमा खान, सीमा यादव, शशिकला कन्नौजिया, सुधा गौतम, संगीता प्रजापति, प्रदीप यादव, सोनी सेठ और अन्य कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
Author: fastblitz24



