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एक साथ महाकवि और उपन्यास सम्राट किए गए याद

जौनपुर : महापुरुषों का जन्म धरती पर कभी-कभी होता है यदि एक साथ दो दो महापुरुषों का जन्मदिन मनाया जाए तो यह अपने आप में एक अलग स्थान रखता है गुरुवार को हिंदी साहित्य के दोनों पक्षों काव्य और गद्य के जाने माने उत्कृष्ट विद्वान तुलसीदास जी और मुंशी प्रेमचंद के जयंती जिले में कई स्थानों पर मनाया गया नगर के कन्हईपुर स्थित डॉ.महेंद्र कुमार त्रिपाठी के आवास पर साहित्य वर्षा हुई |

टीडी कॉलेज के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ.महेंद्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि तुलसीदास लोकआस्था के कवि हैं, जिन्होंने रामचरितमानस के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना के साथ-साथ सामाजिक एकता का भी संदेश दिया। वहीं मुंशी प्रेमचंद ने हिंदी कथा साहित्य को यथार्थ और सामाजिक सरोकारों से जोड़कर जनमानस के करीब पहुंचाया।अध्यक्षता करते हुए टीडी कॉलेज के समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो.हरिओम त्रिपाठी ने तुलसीदास को संस्कृति के कवि और प्रेमचंद को समाज का दर्पण बताया। विशिष्ट वक्ता टीडी कॉलेज हिंदी विभाग के प्रोफेसर राजदेव दुबे ने कहा कि प्रेमचंद और तुलसीदास दोनों ही जनता की भाषा में लिखते हुए जनसरोकारों को साहित्य का विषय बनाते हैं। समाजशास्त्र विभाग के डॉ.संतोष कुमार ने तुलसी और प्रेमचंद को दो ऐसे स्तंभ बताया, जिन्होंने भारत की आत्मा को अपनी रचनाओं में जीवित रखा।

 

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Author: fastblitz24

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