
अमेरिका. एचवन.बी वीजा का विवाद अभी थमा भी नहीं कि विदेशी छात्रों के लिए बनाया गया वैकल्पिक व्यावहारिक प्रशिक्षण ओपीटी कार्यक्रम ट्रंप समर्थकों के निशाने पर आ गया है। अमेरिकियों का कहना है कि यह कार्यक्रम एचवन.बी वीजा से भी ज्यादा नुकसानदेह है। क्योंकि ये विदेशी छात्रों को अमेरिका में अस्थायी नौकरियां करने की सुविधा देता है। इस कार्यक्रम से छात्रों के लिए आगे चलकर एचवन.बी वीजा मिलने और कुछ समय बाद नियोक्ताओं द्वारा ग्रीन कार्ड प्रायोजित करने पर अमेरिका में स्थायी रूप से रहने का रास्ता खुल जाता है। ओपीटी अमेरिका में विदेशी छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय है जिसका फायदा भारी संख्या में भारतीय छात्रों को मिलता है। इसलिए भारत के लिए यह ज्यादा चिंता का विषय है।


ओपीटी प्रोग्राम एफ वन वीजा धारक छात्रों को उनकी स्टेम यानी विज्ञान, इंजीनियरिंग, कंप्यूटर और गणित की डिग्री के आधार पर तीन वर्ष तक काम करने का अवसर देता है। अमेरिका की आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन एजेंसी आईसीई के अनुसार 2023-24 में अमेरिका में ओपीटी कार्यक्रम के तहत 194,554 अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को वर्क परमिट दिए गए जिनमें सबसे ज्यादा 97,556 भारतीय छात्र थे। इन आंकड़ों को देखते हुए ही अमेरिकी लोग इसके विरोध में लामबंद होने लगे हैं। आयोवा राज्य के रिपब्लिकन सीनेटर चक ग्रासली ने होमलैंड सुरक्षा विभाग डीएसएच की मंत्री क्रिस्टी नोएम को एक पत्र लिखकर विदेशी छात्रों के लिए ओपीटी कार्यक्रम बंद करने का अनुरोध किया है। उन्होंने इसके लिए कई कारणों का हवाला दिया है।
Author: fastblitz24



