
तेहरान. अमेरिका से तनाव के बीच ईरान ने कहा कि वह अपने मिसाइल प्रोग्राम पर कोई समझौता नहीं करेगा। ईरान के सुप्रीम लीडर के सलाहकार अली शमखानी ने बुधवार को इस्लामिक क्रांति की 47वीं सालगिरह के मौके पर एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। सरकारी मीडिया ने शमखानी के हवाले से कहा कि इस्लामिक देश की मिसाइल क्षमताओं पर कोई समझौता नहीं हो सकता। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिकी अधिकारी तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा के लिए ओमान में पहले दौर की वार्ता कर चुके हैं।


पिछले सप्ताह शुक्रवार को हुई इस बातचीत में कोई सफलता नहीं मिली थी। हालांकि, दोनों पक्षों ने बातचीत को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। ईरान का कहना है कि बातचीत सिर्फ परमाणु कार्यक्रम को लेकर होगी, जबकि अमेरिका चाहता है कि तेहरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम और क्षेत्रीय गठबंधन को भी इसमें शामिल किया जाए। इस मुद्दे पर दोनों के बीच गतिरोध के संकेत मिल रहे हैं।
ईरान ने पिछले साल जून में इजरायल के साथ 12 दिनों का युद्ध लड़ा था, जिसमें लगभग 610 लोग मारे गए थे।खास तौर पर जब अमेरिका का एक कैरियर स्ट्राइक नौसैनिक बेड़ा मिडिल ईस्ट के पानी में पहुंच चुका है। वहीं, ट्रंप ने एक और बेड़ा भेजने की धमकी दी है।
एक तरफ वॉशिंगटन और तेहरान बातचीत का एक और दौर शुरू करने पर विचार कर रहे हैं, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को धमकी दे रहे हैं। ट्रंप ने पहले दौर की बातचीत को अच्छा बताया लेकिन साथ ही खुली धमकी दी कि ईरान मांगें नहीं मानता है तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई करेगा। मंगलवार को अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस से ट्रंप ने कहा, या तो हम डील करेंगे या पिछली बार की तरह कुछ बहुत बड़ा कदम उठाना होगा।
Author: fastblitz24



