
जौनपुर। टीईटी अनिवार्यता के विरोध में जनपद के विभिन्न शिक्षक संगठनों ने टीएफआई के बैनर तले जिला प्रशासन को चरणबद्ध आंदोलन का ज्ञापन सौंपा। संगठनों ने मांग की कि जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए।

ज्ञापन में कहा गया कि जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों ने उस समय की निर्धारित अर्हताओं को पूरा करते हुए सेवा में प्रवेश किया था। किंतु 1 सितंबर 2025 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय के बाद सभी शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य किए जाने से शिक्षकों में निराशा और आक्रोश की स्थिति है। संगठनों का कहना है कि इससे हजारों शिक्षकों की सेवा पर संकट खड़ा हो गया है।


शिक्षक नेताओं ने मांग की कि सरकार आरटीई एक्ट में वर्ष 2017 में किए गए संशोधन को निरस्त करते हुए अध्यादेश लाए और 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी अनिवार्यता से छूट प्रदान करे। साथ ही सरकार एनसीटीई के माध्यम से सर्वोच्च न्यायालय में शिक्षकों का पक्ष मजबूती से रखे और इस संबंध में हलफनामा दाखिल करे, ताकि शिक्षकों के हितों की रक्षा हो सके। संगठनों ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा करते हुए बताया कि 22 फरवरी को दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक ट्विटर महाअभियान चलाया जाएगा।
#23 से 25 फरवरी तक शिक्षक अपने-अपने कार्यस्थलों पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराएंगे। इसके बाद 26 फरवरी 2026 को दोपहर 1 बजे से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। धरने के उपरांत शिक्षक बीएसए कार्यालय से पैदल मार्च करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचेंगे और प्रधानमंत्री को संबोधित
ज्ञापन जिलाधिकारी जौनपुर को सौंपेंगे.”
ज्ञापन देने वालों में अरविंद शुक्ला (जिलाध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ), डॉ. अतुल प्रकाश यादव (जिलाध्यक्ष, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ), राम मूरत यादव (जिला अध्यक्ष, विशेष बीटीसी संघ), डॉ. हेमंत सिंह (जिला अध्यक्ष, यूटा) सहित लालसाहब यादव, शिवकुमार सरोज, सुनील यादव, रायसाहब यादव, शैलेन्द्र पाल, आनंद यादव, प्रशांत मिश्रा, विष्णु तिवारी, डॉ. मनोज यादव, राजकुमार सिंह, अविनाश उपाध्याय, श्याम सिंह, जयसिंह यादव समेत अन्य शिक्षक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
Author: fastblitz24



